क्या आप जानते हैं कि अब उत्तर प्रदेश में किसी भी जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए आपको तहसील या लेखपाल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है? अगर आपके पास सिर्फ जमीन मालिक का नाम, खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या है, तो आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से कुछ ही मिनटों में UP Bhulekh पोर्टल पर खतौनी (ROR) और जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं।
इस गाइड में हम आपको नाम से जमीन कैसे देखें, खाता संख्या से जमीन कैसे देखें और खसरा/गाटा संख्या से जमीन कैसे देखें, तीनों आधिकारिक तरीकों की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह आसान भाषा में बताएंगे। साथ ही अगर एक ही नाम के कई लोग दिखाई दें, रिकॉर्ड न मिले, या खतौनी डाउनलोड करने में कोई समस्या आए, तो उसके समाधान भी बताएंगे।
तो बस नीचे दिए गए स्टेप्स को क्रम से फॉलो करें। कुछ ही मिनटों में आप अपनी जमीन की खतौनी देख पाएंगे और जरूरत होने पर उसका PDF भी डाउनलोड कर सकेंगे।
UP Bhulekh पर जमीन कैसे देखें? (Step-by-Step)
Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर में UP Bhulekh की आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in खोलें।
Step 2: वेबसाइट के होम पेज पर आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” का विकल्प दिखाई देगा। इसी विकल्प के माध्यम से आप उत्तर प्रदेश की किसी भी जमीन की खतौनी ऑनलाइन देख सकते हैं। आगे बढ़ने के लिए इस विकल्प पर क्लिक करें।

Step 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहाँ सबसे पहले अपनी जमीन का जनपद (District), तहसील (Tehsil) और ग्राम (Village) चुनें।
इसके बाद वर्तमान खतौनी या फसली वर्ष का चयन करें। अगर आपको अभी का जमीन रिकॉर्ड देखना है, तो वर्तमान खतौनी चुनें।

यदि आपको अपना ग्राम सूची में नहीं मिल रहा है, तो पहले सही जनपद और तहसील चुनी है या नहीं, इसकी एक बार जांच लें।
Step 4: UP Bhulekh पर तीन अलग-अलग तरीकों से जमीन खोजी जा सकती है। आपके पास जो जानकारी उपलब्ध है, उसी के अनुसार नीचे दिया गया विकल्प चुनें।
- अगर आपके पास जमीन मालिक का नाम है, तो “खातेदार के नाम द्वारा खोजें” विकल्प चुनें।
- अगर आपके पास खाता संख्या है, तो “खाता संख्या द्वारा खोजें” विकल्प चुनें।
- अगर आपके पास खसरा/गाटा संख्या है, तो “खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें” विकल्प चुनें।

ध्यान दें: ऊपर दिए गए विकल्पों में से केवल एक ही विकल्प चुनना होता है। इसके बाद की प्रक्रिया लगभग समान रहती है।
Step 5: अपनी जानकारी दर्ज करें
खातेदार के नाम द्वारा खोजें
स्क्रीन पर दिखाई देने वाले डिजिटल कीबोर्ड की मदद से जमीन मालिक का नाम हिंदी में दर्ज करें और “खोजें” पर क्लिक करें।

खाता संख्या द्वारा खोजें
अपने दस्तावेज़ में लिखी हुई खाता संख्या दर्ज करें और “खोजें” पर क्लिक करें।
खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें
अपनी जमीन का खसरा/गाटा संख्या दर्ज करें और “खोजें” पर क्लिक करें।

Step 6: जैसे ही आप “खोजें” पर क्लिक करेंगे, आपके सामने दर्ज की गई जानकारी से संबंधित जमीनों की सूची दिखाई देगी। अब सूची में अपनी जमीन का सही रिकॉर्ड पहचानकर उसके सामने दिए गए चेक बॉक्स पर क्लिक करें। यदि एक से अधिक रिकॉर्ड दिखाई दें, तो पिता/पति का नाम, ग्राम और रकबा (क्षेत्रफल) का मिलान करके सही रिकॉर्ड चुनें।
रिकॉर्ड चुनने के बाद ऊपर दिए गए “उद्धरण देखें” बटन पर क्लिक करें।

टिप: अगर आपने नाम से खोज की है और एक ही नाम के कई रिकॉर्ड दिखाई दें, तो सही रिकॉर्ड पहचानने के लिए पिता/पति का नाम और रकबा (क्षेत्रफल) अवश्य देखें।
Step 7: अब आपके सामने चुनी गई जमीन की खतौनी (Land Record) खुल जाएगी। यहाँ आप अपनी जमीन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी एक ही जगह देख सकते हैं, जैसे:
- खातेदार (जमीन मालिक) का नाम
- खाता संख्या
- खसरा/गाटा संख्या
- भूमि का प्रकार (श्रेणी)
- रकबा (क्षेत्रफल)
- हिस्सेदारी (यदि एक से अधिक मालिक हों)
- अन्य उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड
अब इस रिकॉर्ड को ध्यान से जांच लें।

Step 8: अगर आपको इस खतौनी की कॉपी अपने मोबाइल या कंप्यूटर में सुरक्षित रखनी है, तो ऊपर दिए गए “Download PDF” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद खतौनी PDF फ़ाइल के रूप में डाउनलोड हो जाएगी। जरूरत पड़ने पर आप इसकी प्रिंट कॉपी भी निकाल सकते हैं।

Step 9: बधाई हो! अब आपने UP Bhulekh पोर्टल पर अपनी जमीन की खतौनी सफलतापूर्वक देख ली है। अब आप इसमें दर्ज सभी महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे खातेदार (जमीन मालिक) का नाम, खाता संख्या, खसरा/गाटा संख्या, रकबा (क्षेत्रफल), भूमि का प्रकार और अन्य उपलब्ध विवरण आसानी से जांच सकते हैं।

ध्यान दें: UP Bhulekh से डाउनलोड की गई सामान्य खतौनी केवल जानकारी (Reference) के लिए होती है। यदि आपको बैंक, कोर्ट, KCC, लोन, रजिस्ट्री या किसी अन्य सरकारी कार्य के लिए कानूनी रूप से मान्य प्रति चाहिए, तो डिजिटली हस्ताक्षरित (Digitally Signed) खतौनी प्राप्त करनी होगी।
खतौनी में कौन-कौन सी जानकारी होती है?
UP Bhulekh पर खतौनी खुलने के बाद उसमें जमीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दिखाई देती हैं। इन जानकारियों की मदद से आप यह पुष्टि कर सकते हैं कि रिकॉर्ड सही व्यक्ति और सही जमीन का है।
| जानकारी | इसका मतलब |
|---|---|
| खातेदार (जमीन मालिक) | जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन दर्ज है। |
| खाता संख्या | एक ही मालिक के खाते की पहचान करने वाला नंबर। |
| खसरा/गाटा संख्या | किसी विशेष खेत या प्लॉट की पहचान करने वाला नंबर। |
| रकबा (क्षेत्रफल) | जमीन का कुल क्षेत्रफल। |
| भूमि का प्रकार | कृषि, बाग, आबादी या अन्य श्रेणी की भूमि। |
| हिस्सेदारी (अंश) | यदि जमीन के एक से अधिक मालिक हैं, तो प्रत्येक का हिस्सा। |
| अन्य राजस्व विवरण | रिकॉर्ड में उपलब्ध अन्य सरकारी भूमि संबंधी जानकारी। |
अगर आपको अपनी जमीन का नक्शा भी देखना है, तो हमारी UP Bhu Naksha कैसे देखें गाइड पढ़ें। वहीं, यदि किसी सरकारी या कानूनी कार्य के लिए प्रमाणित रिकॉर्ड चाहिए, तो Digitally Signed प्रमाणित खतौनी डाउनलोड करने की प्रक्रिया देखें।
अगर नाम से जमीन नहीं मिल रही है तो क्या करें?
कई बार सही नाम दर्ज करने के बाद भी जमीन का रिकॉर्ड दिखाई नहीं देता। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में ये उपाय अपनाएं:
- नाम हमेशा हिंदी में लिखें।
- स्क्रीन पर दिए गए डिजिटल कीबोर्ड का ही उपयोग करें।
- पूरा नाम दर्ज करें, केवल पहला नाम न लिखें।
- सही जनपद, तहसील और ग्राम चुनें।
- अगर रिकॉर्ड पुराना है, तो फसली वर्ष बदलकर भी खोजें।
- हाल ही में नामांतरण हुआ है, तो रिकॉर्ड अपडेट होने में कुछ समय लग सकता है।
अगर नाम से खोज नहीं हो रही है, तो ये दो तरीके अपनाएं
अगर नाम से सही रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। UP Bhulekh पर जमीन देखने के दो और आधिकारिक तरीके उपलब्ध हैं।
- खाता संख्या से खोजें – जब आपके पास खाता नंबर हो।
- खसरा/गाटा संख्या से खोजें – जब आपके पास जमीन का खसरा नंबर हो।
इन दोनों तरीकों में परिणाम अधिक सटीक मिलते हैं क्योंकि इनमें एक ही रिकॉर्ड सीधे खोजा जाता है।
💡 नेहा यादव की सलाह (Land Records Expert): भूमि रिकॉर्ड से जुड़े हजारों सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करने के दौरान मैंने देखा है कि अधिकांश लोग गलत जनपद, गलत ग्राम या अधूरा नाम दर्ज करने की वजह से रिकॉर्ड नहीं ढूंढ पाते।
मेरी सलाह है कि खोज शुरू करने से पहले अपने किसी पुराने दस्तावेज़ से जनपद, तहसील, ग्राम और जमीन मालिक का नाम एक बार जरूर मिला लें।
अगर फिर भी रिकॉर्ड न मिले, तो खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या से खोज करना सबसे बेहतर विकल्प होता है।
खसरा नंबर और खाता संख्या में क्या अंतर है?
लोग अक्सर खसरा नंबर और खाता संख्या को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग जानकारी बताते हैं। सही विकल्प चुनने के लिए इनके बीच का अंतर जानना जरूरी है।
| खसरा नंबर | खाता संख्या |
|---|---|
| जमीन के एक विशेष प्लॉट की पहचान करता है। | एक ही मालिक की सभी जमीनों का रिकॉर्ड दिखाता है। |
| प्रत्येक खेत या प्लॉट का अलग खसरा नंबर होता है। | एक खाता संख्या के अंतर्गत कई खसरा नंबर हो सकते हैं। |
| किसी विशेष जमीन की जानकारी देखने के लिए उपयोग होता है। | पूरे खाते की जमीन देखने के लिए उपयोग होता है। |
उदाहरण: मान लीजिए राम कुमार के पास तीन खेत हैं। इन तीनों खेतों के खसरा नंबर अलग-अलग होंगे, लेकिन यदि तीनों खेत एक ही खाते में दर्ज हैं, तो उनकी खाता संख्या एक ही होगी।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
खातेदार के नाम द्वारा खोजें का मतलब क्या होता है?
“खातेदार के नाम द्वारा खोजें” UP Bhulekh पोर्टल का आधिकारिक विकल्प है। इसका उपयोग जमीन मालिक (खातेदार) के नाम के आधार पर खतौनी खोजने के लिए किया जाता है। यदि आपके पास खाता संख्या या खसरा संख्या नहीं है, तो यही विकल्प सबसे उपयोगी होता है।
क्या बिना खाता संख्या के जमीन देख सकते हैं?
हाँ। अगर आपके पास खाता संख्या नहीं है, तो भी आप UP Bhulekh पोर्टल पर जमीन मालिक के नाम या खसरा/गाटा संख्या की मदद से खतौनी देख सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सही खोज विकल्प चुनें।
अगर एक ही नाम के कई लोग हों तो सही जमीन कैसे पहचानें?
ऐसी स्थिति में पिता/पति का नाम, ग्राम, रकबा (क्षेत्रफल) और खसरा संख्या का मिलान करें। इससे सही खतौनी पहचानना आसान हो जाता है।
क्या पुरानी खतौनी भी देख सकते हैं?
हाँ। रिकॉर्ड खोजते समय उपलब्ध फसली वर्ष (Year) का चयन करके पुराने वर्षों की खतौनी भी देखी जा सकती है, यदि वह रिकॉर्ड पोर्टल पर उपलब्ध हो।
क्या एक खाता संख्या में कई खसरा नंबर हो सकते हैं?
हाँ। एक खाता संख्या के अंतर्गत एक या एक से अधिक खसरा/गाटा संख्या दर्ज हो सकती हैं। जबकि प्रत्येक खसरा संख्या किसी विशेष खेत या प्लॉट की पहचान करती है।
क्या ऑनलाइन खतौनी कानूनी रूप से मान्य होती है?
ऑनलाइन दिखाई देने वाली सामान्य खतौनी केवल जानकारी (Reference) के लिए होती है। यदि आपको बैंक, कोर्ट, KCC, रजिस्ट्री या अन्य सरकारी कार्य के लिए प्रति चाहिए, तो डिजिटली हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाणित खतौनी प्राप्त करनी होगी।
क्या किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन देख सकते हैं?
हाँ। यदि जमीन का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से UP Bhulekh पोर्टल पर उपलब्ध है और आपके पास नाम, खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या जैसी आवश्यक जानकारी है, तो आप उसकी खतौनी देख सकते हैं।
क्या खसरा नंबर से पूरी जमीन देख सकते हैं?
अगर एक ही खसरा संख्या में पूरी जमीन दर्ज है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड दिखाई देगा। लेकिन यदि किसी मालिक की कई अलग-अलग जमीनें हैं, तो सभी रिकॉर्ड देखने के लिए खाता संख्या से खोज करना अधिक उपयुक्त रहता है।
निष्कर्ष
अब आप UP Bhulekh पोर्टल पर नाम, खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या की मदद से अपनी जमीन की खतौनी आसानी से देख सकते हैं। यदि रिकॉर्ड खोजने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो इस लेख में बताए गए समाधान अपनाएं या संबंधित तहसील कार्यालय से संपर्क करें।
| आप क्या करना चाहते हैं? | यह गाइड पढ़ें |
|---|---|
| 📄 नाम, खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या से खतौनी देखना | UP Bhulekh से जमीन कैसे देखें → |
| 🗺️ खेत या प्लॉट का भू-नक्शा देखना | UP Bhunaksha गाइड → |
| ✅ QR Code वाली प्रमाणित खतौनी डाउनलोड करना | प्रमाणित खतौनी गाइड → |
| 📝 वरासत (नामांतरण) के लिए आवेदन करना | UP वरासत गाइड → |
| 📜 जमीन की रजिस्ट्री (बैनामा) ऑनलाइन देखना | UP रजिस्ट्री गाइड → |
| 💰 जमीन का सरकारी सर्किल रेट देखना | UP Circle Rate गाइड → |
- ✔ इस लेख में बताई गई पूरी प्रक्रिया आधिकारिक UP Bhulekh पोर्टल पर स्वयं जांची और सत्यापित की गई है।
- ✔ इस लेख में उपयोग किए गए सभी स्क्रीनशॉट BhumiGyan टीम द्वारा आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं तैयार किए गए हैं।
- ✔ लेख की जानकारी उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद (UP Bhulekh) के उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई है।
- ✔ पोर्टल अंतिम बार जांचा गया: 25 जुलाई 2026
- ✔ यदि भविष्य में आधिकारिक पोर्टल की प्रक्रिया बदलती है, तो इस लेख को उसी अनुसार अपडेट किया जाएगा।
🎥 वीडियो देखकर पूरी प्रक्रिया सीखें
अगर आप UP Bhulekh पर जमीन देखने की पूरी प्रक्रिया लाइव देखकर समझना चाहते हैं, तो नीचे दिया गया BhumiGyan का वीडियो देखें। इसमें मोबाइल से Step-by-Step पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है।

नेहा यादव BhumiGyan में Research Lead एवं Author हैं। वे भारतीय भूमि रिकॉर्ड, भूलेख पोर्टल, जमाबंदी, खतौनी, रजिस्ट्री और म्यूटेशन जैसी सरकारी प्रक्रियाओं पर शोध आधारित हिंदी गाइड तैयार करती हैं।
उनका उद्देश्य जटिल भूमि संबंधी जानकारी को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक सही जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकें।