यदि आपने अपनी खतौनी (Khatauni) या भूलेख देखा है और उसमें आपका नाम गलत दर्ज है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नाम में छोटी-सी स्पेलिंग की गलती भी भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल खारिज (Mutation), बैंक लोन, विरासत या अन्य सरकारी कार्यों में परेशानी पैदा कर सकती है।
ध्यान रखें कि खतौनी में नाम गलत होना और जमीन के मालिकाना हक का विवाद दो अलग-अलग बातें हैं। कई मामलों में केवल रिकॉर्ड की त्रुटि को सही कराने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए संबंधित राजस्व विभाग में नाम सुधार की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
इस लेख में हम आसान भाषा में जानेंगे कि खतौनी में नाम गलत होने के कारण, नाम सुधार की पूरी प्रक्रिया, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और सुधार न होने पर क्या करें।
खतौनी में नाम गलत क्यों दर्ज हो जाता है?
खतौनी में नाम गलत होने के कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं सबसे सामान्य कारण।
1. डेटा एंट्री (Data Entry) के दौरान टाइपिंग की गलती
जब पुराने भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन पोर्टल पर डिजिटाइज किया जाता है, तब कई बार टाइपिंग या स्पेलिंग की गलती हो जाती है। इसके कारण नाम, पिता का नाम या उपनाम गलत दर्ज हो सकता है। यह भूमि रिकॉर्ड में नाम गलत होने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि सही नाम “राम लाल” है लेकिन रिकॉर्ड में “रामलाल” दर्ज हो गया है, तो भविष्य में अन्य दस्तावेजों से मिलान करने में समस्या आ सकती है।
2. रजिस्ट्री और खतौनी में नाम अलग-अलग होना
यदि रजिस्ट्री में दर्ज नाम और खतौनी में दर्ज नाम एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, तो भविष्य में भूमि रिकॉर्ड में समस्या आ सकती है। कई बार रजिस्ट्री में सही नाम होता है, लेकिन खतौनी में पुराना या गलत नाम दर्ज रह जाता है।
3. नामांतरण (Mutation) के समय जानकारी गलत दर्ज होना
दाखिल खारिज या नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान यदि अधिकारी द्वारा गलत जानकारी दर्ज कर दी जाए या आवेदन में त्रुटि रह जाए, तो वही गलत नाम खतौनी में अपडेट हो जाता है। बाद में यही गलती सभी भूमि रिकॉर्ड में दिखाई देने लगती है।
4. पुराने कागजी रिकॉर्ड और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर होना
कई राज्यों में पुराने कागजी रिकॉर्ड को ऑनलाइन करते समय कुछ जानकारी सही तरीके से अपडेट नहीं हो पाती। ऐसे मामलों में कागजी रिकॉर्ड में नाम सही होता है, लेकिन ऑनलाइन खतौनी में गलत नाम दिखाई देता है।
5. नाम की स्पेलिंग या भाषा (हिंदी/अंग्रेज़ी) में अंतर
कई बार एक ही व्यक्ति का नाम हिंदी और अंग्रेज़ी में अलग-अलग तरीके से लिखा जाता है। ऐसी स्थिति में आधार कार्ड, रजिस्ट्री और खतौनी में दर्ज नाम एक-दूसरे से मेल नहीं खा सकते।
स्पेलिंग की छोटी-सी गलती भी खतौनी में गलत नाम दिखा सकती है और आगे चलकर सरकारी कार्यों में परेशानी का कारण बन सकती है।
6. विरासत (Inheritance) दर्ज करते समय गलती होना
यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद विरासत दर्ज करते समय उत्तराधिकारी का नाम, पिता का नाम या अन्य जानकारी गलत दर्ज हो जाए, तो वही गलती खतौनी में भी दिखाई देती है। यह समस्या अक्सर दस्तावेजों में जानकारी मेल न खाने के कारण होती है।
7. आवेदन में गलत जानकारी भरना
यदि आवेदक आवेदन करते समय अपना नाम, पिता का नाम या अन्य व्यक्तिगत जानकारी गलत भर देता है, तो वही जानकारी भूमि रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है। आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच न करने से ऐसी गलतियां हो सकती हैं।
इसलिए आवेदन जमा करने से पहले नाम, पिता/पति का नाम और अन्य विवरण एक बार मूल दस्तावेजों से मिलान करना चाहिए।
8. न्यायालय (Court) के आदेश के बाद रिकॉर्ड अपडेट न होना
यदि भूमि से संबंधित कोई मामला न्यायालय में चल रहा हो या कोर्ट द्वारा आदेश जारी किया गया हो, तो कई बार उसका रिकॉर्ड समय पर खतौनी में अपडेट नहीं हो पाता। इससे पुराने या गलत नाम लंबे समय तक रिकॉर्ड में बने रहते हैं।
9. भूमि रिकॉर्ड में तकनीकी या सिस्टम संबंधी त्रुटि
कई बार भूलेख पोर्टल या राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या आने के कारण सही जानकारी अपडेट नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में रिकॉर्ड में गलत नाम दिखाई दे सकता है, जबकि विभाग के पास सही जानकारी उपलब्ध होती है।
10. एक जैसे नाम होने के कारण रिकॉर्ड में भ्रम होना
ऐसे मामले कम होते हैं, लेकिन रिकॉर्ड अपडेट या सत्यापन के दौरान समान नाम होने पर भ्रम की स्थिति बन सकती है।
खतौनी में नाम सुधार कराने की पूरी प्रक्रिया

- सबसे पहले अपनी खतौनी में दर्ज गलत नाम की पुष्टि करें। अपनी खतौनी या भूलेख रिकॉर्ड को ध्यान से जांचें और सुनिश्चित करें कि नाम, पिता/पति का नाम या नाम की स्पेलिंग में वास्तव में त्रुटि है। यदि कोई अन्य जानकारी भी गलत है, तो उसे भी नोट कर लें।
- आधार कार्ड, रजिस्ट्री, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करें। ऐसे सभी दस्तावेज एकत्र करें जिनमें आपका सही नाम दर्ज हो, ताकि नाम सुधार के दौरान सही जानकारी का प्रमाण आसानी से प्रस्तुत किया जा सके।
- संबंधित तहसील या राजस्व कार्यालय में नाम सुधार के लिए आवेदन करें। अपने क्षेत्र के तहसील कार्यालय, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक या संबंधित भूमि अभिलेख कार्यालय में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन जमा करें। यदि आपके राज्य में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, तो आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, रजिस्ट्री, पुरानी खतौनी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां जमा करें, ताकि दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदन लंबित न रहे।
- आवेदन की रसीद प्राप्त करें और सुरक्षित रखें। आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त रसीद या आवेदन संख्या को संभालकर रखें, क्योंकि भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने या किसी शिकायत के लिए इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
- यदि आवेदन संख्या या संदर्भ संख्या (Reference Number) दी गई है, तो उसे सुरक्षित रखें। कई राज्यों में इसी संख्या के माध्यम से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
- समय-समय पर आवेदन की स्थिति जांचते रहें। आवेदन जमा करने के बाद ऑनलाइन पोर्टल या संबंधित तहसील कार्यालय से नियमित रूप से जानकारी प्राप्त करें, ताकि यदि विभाग किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की मांग करे तो उसे समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
- यदि विभाग किसी अतिरिक्त दस्तावेज या स्पष्टीकरण की मांग करे, तो उसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। इससे आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रहने की संभावना कम होती है।
- सुधार पूरा होने के बाद नई खतौनी डाउनलोड करके सही नाम की पुष्टि करें। आवेदन स्वीकृत होने और रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद नई खतौनी डाउनलोड करें या उसकी प्रमाणित प्रति प्राप्त करें और सुनिश्चित करें कि आपका नाम पूरी तरह सही दर्ज हो गया है।
- नई खतौनी में केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि पिता/पति का नाम, खाता संख्या, खसरा संख्या और अन्य विवरण भी दोबारा जांच लें।
यदि रिकॉर्ड अपडेट हो गया है लेकिन ऑनलाइन खतौनी दिखाई नहीं दे रही या “Record Not Found” संदेश आ रहा है, तो हमारा लेख भूलेख पर Record Not Found आ रहा है? जानिए 7 असली कारण और उनका आसान समाधान भी पढ़ें।
नाम सुधार के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
- आधार कार्ड
- रजिस्ट्री की प्रति
- खतौनी की प्रति
- पहचान पत्र (यदि आवश्यक हो)
- पैन कार्ड (यदि मांगा जाए)
- मृत्यु प्रमाण पत्र (विरासत के मामले में)
- नामांतरण आदेश (यदि लागू हो)
- अन्य दस्तावेज, जो संबंधित राजस्व विभाग मांगे।
ध्यान दें: नाम सुधार के लिए मांगे जाने वाले दस्तावेज अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपने राज्य के राजस्व विभाग की आवश्यकताओं की पुष्टि कर लें।
यदि नाम सुधार नहीं हो रहा है तो क्या करें?
यदि लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होती, तो पहले संबंधित लेखपाल या राजस्व कर्मचारी से संपर्क करें। आवश्यकता पड़ने पर कानूनगो, तहसील कार्यालय या राज्य के आधिकारिक जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ध्यान दें: खतौनी में नाम सुधार की ऑनलाइन सुविधा सभी राज्यों में उपलब्ध नहीं है। यह प्रक्रिया राज्य के राजस्व विभाग के नियमों पर निर्भर करती है। कई राज्यों में आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है, जबकि कई राज्यों में इसके लिए संबंधित तहसील या राजस्व कार्यालय में जाकर आवेदन करना आवश्यक होता है।
नाम सुधार होने में कितना समय लग सकता है?
नाम सुधार की प्रक्रिया में लगने वाला समय सभी राज्यों में समान नहीं होता। यह आवेदन की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित राजस्व कार्यालय की कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाती है, जबकि जटिल मामलों में अधिक समय भी लग सकता है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
खतौनी में नाम गलत होने पर क्या करें?
यदि खतौनी में आपका नाम, पिता का नाम या नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज है, तो संबंधित तहसील या राजस्व कार्यालय में नाम सुधार के लिए आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
क्या खतौनी में नाम ऑनलाइन सुधारा जा सकता है?
यह सुविधा सभी राज्यों में उपलब्ध नहीं है। कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, जबकि कई राज्यों में आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया तहसील कार्यालय के माध्यम से पूरी होती है।
खतौनी में नाम सुधार के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
आमतौर पर आधार कार्ड, रजिस्ट्री, पुरानी खतौनी, पहचान पत्र, पैन कार्ड (यदि आवश्यक हो) और अन्य संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।
खतौनी में नाम सुधार होने में कितना समय लगता है?
नाम सुधार में लगने वाला समय राज्य, आवेदन की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन पर निर्भर करता है। अलग-अलग राज्यों में इसकी समय-सीमा अलग हो सकती है।
क्या गलत नाम होने से जमीन का मालिकाना हक खत्म हो जाता है?
नहीं। केवल खतौनी में नाम गलत होने से जमीन का मालिकाना हक समाप्त नहीं होता, लेकिन भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक लोन, नामांतरण और अन्य कानूनी कार्यों में परेशानी आ सकती है।
आवेदन देने के बाद भी नाम सही नहीं हुआ तो क्या करें?
यदि लंबे समय तक नाम में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार या राजस्व अधिकारी से संपर्क करें। आवश्यकता होने पर राज्य के जन शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
क्या केवल स्पेलिंग की गलती भी सुधरवानी चाहिए?
हाँ। यदि खतौनी में नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड, रजिस्ट्री या अन्य सरकारी दस्तावेजों से अलग है, तो भविष्य में दस्तावेजों के मिलान में समस्या आ सकती है। इसलिए छोटी गलती होने पर भी नाम सुधार करवाना बेहतर रहता है।
क्या नाम सुधार के लिए दोबारा रजिस्ट्री करनी पड़ती है?
नहीं। केवल खतौनी में दर्ज नाम की त्रुटि सुधारने के लिए सामान्यतः दोबारा रजिस्ट्री कराने की आवश्यकता नहीं होती। संबंधित प्रक्रिया राज्य के राजस्व विभाग के नियमों के अनुसार पूरी की जाती है।
निष्कर्ष
यदि खतौनी में आपका नाम गलत दर्ज है, तो समस्या को नजरअंदाज न करें। सही दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करने और रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद नई खतौनी की दोबारा जांच करने से भविष्य में जमीन से जुड़े कार्यों के दौरान होने वाली कई परेशानियों से बचा जा सकता है।
Last Verified: जुलाई 2026
नोट: नाम सुधार की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक राजस्व विभाग या भूलेख पोर्टल पर नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

नेहा यादव BhumiGyan में Research Lead एवं Author हैं। वे भारतीय भूमि रिकॉर्ड, भूलेख पोर्टल, जमाबंदी, खतौनी, रजिस्ट्री और म्यूटेशन जैसी सरकारी प्रक्रियाओं पर शोध आधारित हिंदी गाइड तैयार करती हैं।
उनका उद्देश्य जटिल भूमि संबंधी जानकारी को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक सही जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकें।