क्या आपके गांव में चकबंदी हो चुकी है… और अब आपको अपनी जमीन समझ में नहीं आ रही? पुराना खसरा नंबर डालने पर कुछ नहीं मिल रहा, और नया गाटा नंबर भी समझ में नहीं आ रहा? उत्तर प्रदेश में यह बहुत आम समस्या है, जिससे कई किसान और जमीन मालिक परेशान रहते हैं।
अगर आप भी UP Bhulekh पर अपनी जमीन का नया खाता संख्या, खतौनी या नक्शा (Bhunaksha) नहीं ढूंढ पा रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहाँ हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में बताएंगे कि चकबंदी के बाद अपनी नई जमीन कैसे देखें, नया गाटा नंबर कैसे खोजें और नक्शा कैसे चेक करें – step-by-step।
✔ Quick Answer: चकबंदी के बाद अपनी जमीन देखने के लिए सबसे पहले नया गाटा (खसरा) नंबर पता करें। इसके बाद UP Bhulekh पर खतौनी देखें और UP Bhunaksha पर नक्शा खोलकर जांचें। ध्यान रखें, पुराना खसरा नंबर आमतौर पर काम नहीं करता, क्योंकि चकबंदी के बाद नया नंबर जारी किया जाता है।
| महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details) | विवरण (Information) |
|---|---|
| आधिकारिक पोर्टल (Official Website) | upbhulekh.gov.in |
| लेख का विषय (Article Topic) | चकबंदी के बाद नई जमीन और खतौनी देखना |
| मुख्य दस्तावेज (Main Forms) | आकार पत्र 41 (CH-41) और आकार पत्र 45 (CH-45) |
| सर्च का तरीका (Search Method) | नया गाटा संख्या / खाता संख्या / नाम द्वारा |
| नक्शा पोर्टल (Map Portal) | upbhunaksha.gov.in |
| सेवा शुल्क (Service Fee) | निःशुल्क (Free of Cost) |
| जरूरी जानकारी (Required Info) | जिला, तहसील, ग्राम का नाम और नया चक नंबर |
चकबंदी के बाद जमीन कैसे देखें? (Step-by-Step)
Step 1: इसके लिए सबसे पहले आप UP Bhulekh की ऑफिसियल वेबसाइट upbhulekh.gov.in पर जाएँ खतौनी (अधिकार) अभिलेख की नकल देखें वाले विकल्प पर क्लिक करें।

Step 2: अब अपना जनपद, तहसील, और गांव का नाम चुन लें। आपके सामने जमीन देखने के अलग-अलग तरीके खुलकर आएंगे इनमें से अपनी सुविधा के अनुसार कोई एक तरीका चुन लें।

⚠️ अगर आपको समझने में दिक्कत हो रही है, तो नीचे वीडियो में पूरा तरीका लाइव देखें 👇
Step 3: इसमें हम सबसे आसान तरीका – खाता संख्या से जमीन देखना – आपको सीधे और आसान तरीके से समझा रहे हैं।
अगर खातेदार के नाम से जमीन देखना चाहते हैं तो इसके लिए हमारा यह 👉 नाम से जमीन कैसे देखें (Step-by-Step) यह नया आर्टिकल जरूर पढ़ें।
अब ‘खाता संख्या से देखें’ वाले विकल्प पर क्लिक करें। फिर अपनी जमीन का खाता नंबर डालकर ‘खोजें’ पर क्लिक करें।

Step 4 : अपनी जमीन का खाता नंबर चुनकर उद्धरण देखें वाले विकल्प पर क्लिक करें।

Step 5 : अब आपके सामने आपकी जमीन की पूरी खतौनी खुलकर आ जाएगी।

जरूरी जानकारी (खतौनी कैसे पढ़ें):
- सरकारी आदेश: जमीन पर हुए किसी भी बदलाव या आदेश की जानकारी सबसे नीचे ‘नामान्तरण/परिवर्तन का विवरण’ बॉक्स में देखें।
- नया चक नंबर: कॉलम 1 और 5 में दिया गया यही नंबर आपकी जमीन की असली पहचान होता है।
- रकबा (Area): कॉलम 6 में जमीन हेक्टेयर में दी गई है। चकबंदी कटौती के कारण यह पहले से कम हो सकती है।
नया गाटा नंबर (खसरा नंबर) कैसे खोजें?
खतौनी ऑनलाइन खुल जाने के बाद भी कई किसान भाई कन्फ्यूज रहते हैं कि इसमें पुराना नंबर कहाँ है और नया नंबर क्या है। इसे समझने के लिए आपको इन दो फॉर्म के बारे में जानना जरूरी है।
आकार पत्र 41 (CH-41) – यह एक रजिस्टर होता है जो तहसील में रखा जाता है। इसमें आपके पुराने खसरा नंबर के सामने नया गाटा/ चक नंबर नंबर लिखा होता है। अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि आपका पुराना नंबर बदलकर कौन सा नया नंबर हुआ है, तो यही सबसे सही जगह है जहाँ से आप यह जानकारी पता कर सकते हैं।
आकार पत्र 45 (CH-45) – ऑनलाइन जो नई खतौनी आपको दिखती है, वह इसी CH-45 पर आधारित होती है। चकबंदी के बाद यही सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम सरकारी रिकॉर्ड माना जाता है।
⚠️ ध्यान दें: CH-41 और CH-45 ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होते। इसे देखने के लिए आपको अपनी तहसील के ‘अभिलेख कक्ष’ (Record Room) में जाना होगा या अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क करना होगा।
चकबंदी के दौरान ये 3 कागज कभी न खोएं
अगर आपके गांव में चकबंदी चल रही है, तो ये तीन दस्तावेज आपके ‘सुरक्षा कवच’ हैं:
- CH-23 (अधिकार पत्र): इसमें लिखा होता है कि आपकी पुरानी जमीन कितनी थी और कटौती के बाद कितनी बची।
- CH-41 (विनिमय सूची): यह सबसे महत्वपूर्ण कागज होता है जो आपके पुराने खसरा नंबर को नए नंबर से जोड़ता है।
- CH-45 (अंतिम खतौनी): चकबंदी खत्म होने के बाद यही आपका सबसे बड़ा कानूनी सबूत है।
चकबंदी के बाद खेत का नया नक्शा (Bhu Naksha) कैसे देखें?
चकबंदी के बाद अपनी जमीन की सही स्थिति और उसकी मेढ़ (Border) की लंबाई ऑनलाइन देखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को अपनाएं।
Step 1: सबसे पहले भू-नक्शा की आधिकारिक वेबसाइट upbhunaksha.gov.in पर जाएं और अपने जिला, तहसील और गांव का नाम चुने। आपको अपने गांव का डिजिटल नक्शा दिखाई देगा।

Step 2: नक्शे पर अपने चक नंबर यानि की खसरा नंबर(Plot number) पर क्लिक करें या Plot number के सर्च बॉक्स में नंबर भरकर खोजें। आपकी जमीन का नक्शा खुलकर आ जाएगा।

Step 3: नक्शा खुलने के बाद दाईं ओर (Right Side) दिए गए हरे रंग के पेड़ वाले आइकॉन (Layers) पर क्लिक करें। यहाँ आपको Show Border Length: इस ऑप्शन को ऑन करते ही आपके खेत की हर मेढ़ की लंबाई मीटर में दिखाई देने लगेगी। इससे आप घर बैठे जान सकते हैं कि आपका खेत कितना लंबा और चौड़ा है।

अगर नक्शे में आपका प्लॉट नीला (Blue) दिख रहा है, तो घबराएं नहीं। इसका मतलब है कि गांव अभी चकबंदी की धारा 52 (अंतिम अधिसूचना) के तहत पूरी तरह से फ्रीज नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि डेटा अभी अपडेट हो रहा है।
चकबंदी के बाद जमीन में क्या बदलाव आता है?
| विवरण (Description) | चकबंदी से पहले (Old) | चकबंदी के बाद (New) |
| पहचान नंबर | पुराना खसरा नंबर | नया गाटा/प्लॉट नंबर |
| जमीन की स्थिति | अलग-अलग टुकड़ों में बिखरी हुई | एक जगह इकट्ठा (बड़ा चक) |
| रास्ता | निजी या संकरा रास्ता | सरकारी चकरोड की सुविधा |
| नक्शा रिकॉर्ड | पुराने नक्शे (Latha) के अनुसार | नए डिजिटल भू-नक्शा के अनुसार |
- चकबंदी के बाद आपकी जमीन का नंबर बदल जाता है और उसे नया गाटा नंबर दिया जाता है। इसलिए पुराना खसरा नंबर काम नहीं करता और नई जानकारी देखने के लिए नया नंबर जानना जरूरी होता है।
- पहले आपकी जमीन अलग-अलग टुकड़ों में और अलग-अलग जगह पर हो सकती थी। लेकिन चकबंदी के बाद सभी टुकड़ों को मिलाकर एक नई जगह पर दिया जाता है। इससे खेती करना आसान और सुविधाजनक हो जाता है।
- चकबंदी से पहले जमीन बिखरी हुई होती थी। चकबंदी के बाद वही जमीन एक बड़े और सीधे प्लॉट में बदल जाती है। इससे समय, मेहनत और लागत कम होती है।
- नई जमीन मिलने के बाद उसकी सीमा भी नई तय होती है। पुरानी मेड़ या सीमा मान्य नहीं रहती इसलिए नई जमीन की सीमा को समझना बहुत जरूरी है।
- चकबंदी के दौरान खेतों के लिए रास्ते (चकरोड) बनाए जाते हैं और पानी की व्यवस्था भी सुधारी जाती है। इससे खेत तक पहुंचना और खेती करना आसान हो जाता है।
चकबंदी क्या होती है और क्यों जरूरी है?
सीधे शब्दों में कहें तो, चकबंदी का मतलब है बिखरी हुई जमीन को एक जगह इकट्ठा करना। पहले किसानों के खेत अलग-अलग जगह पर होते थे, जिससे खेती करना मुश्किल होता था। चकबंदी के बाद इन्हें मिलाकर एक ही जगह बड़ा खेत (चक) बना दिया जाता है, जिससे खेती आसान हो जाती है।
चकबंदी क्यों किया जाता है ?
- खेती में आसानी: जब खेत एक ही जगह होगा, तो ट्रैक्टर चलाना और फसल की रखवाली करना आसान हो जाता है।
- सिंचाई की सुविधा: एक बड़े खेत पर आप अपनी खुद की बोरिंग या ट्यूबवेल लगा सकते हैं।
- रास्ते की सुविधा: चकबंदी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर खेत तक जाने के लिए सरकारी रास्ता (चक रोड) निकाला जाता है।
- झगड़ों का खात्मा: छोटे-छोटे खेतों की मेढ़ों को लेकर होने वाले रोज-रोज के झगड़े खत्म हो जाते हैं।
चकबंदी की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
चकबंदी एक सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें गांव की जमीन को व्यवस्थित करने के लिए कई चरणों में काम किया जाता है।
- 1. सरकारी घोषणा (धारा 4: चकबंदी की अधिसूचना): सबसे पहले सरकार सूचना जारी करती है कि गांव में चकबंदी शुरू होगी। इसके लागू होते ही जमीन की खरीद-बिक्री और बँटवारे पर रोक लग जाती है।
- 2. खेतों की पैमाइश (सर्वे): चकबंदी अधिकारी और लेखपाल गांव के हर एक खेत की पैमाइश (नाप) करते हैं और रिकॉर्ड तैयार करते हैं कि कौन सा खेत कहाँ और कितना है।
- 3. जमीन की कीमत तय करना (मूल्यांकन): यह सबसे जरूरी स्टेप है। इसमें देखा जाता है कि कौन सा खेत उपजाऊ है और कौन सा सड़क के पास है। इसी आधार पर जमीन की कीमत तय होती है, ताकि किसान को नुकसान न हो।
- 4. रास्ता और नाली का निर्धारण: गांव का एक नया नक्शा बनता है जिसमें भविष्य के लिए नए रास्ते, नालियां और सार्वजनिक जगहों (जैसे स्कूल या पंचायत घर) के लिए जमीन छोड़ी जाती है।
- 5. नए चक का आवंटन: अब किसानों को उनके पुराने रकबे और जमीन की कीमत के हिसाब से एक नई जगह पर बड़ा खेत (चक) दे दिया जाता है।
- 6. नया रिकॉर्ड और कब्जा: अंत में, किसानों को उनके नए खेतों पर कब्जा दिलाया जाता है और सरकारी कागजों में नए नंबर (CH-41 और CH-45) दर्ज कर दिए जाते हैं।
जमीन की कटौती (Kattauti) का गणित.
अक्सर किसान परेशान होते हैं कि उनकी जमीन कम क्यों हो गई। दरअसल, चकबंदी के दौरान पूरे गांव के विकास (जैसे- चकरोड, नाली, स्कूल और खेल के मैदान) के लिए हर खाते से 5% से 10% तक की कटौती की जाती है। इसे ‘बचत’ की जमीन कहा जाता है। अगर आपकी कटौती इससे ज्यादा है, तो आप CH-23 (अधिकार अभिलेख) में इसकी विस्तृत गणना देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या चकबंदी के दौरान ज़मीन बेची जा सकती है?
जैसे ही गांव में चकबंदी (धारा 5) शुरू होती है, जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लग जाती है। अगर बहुत जरूरी हो, तो चकबंदी अधिकारी (CO) से लिखित अनुमति लेने के बाद ही रजिस्ट्री कराई जा सकती है। बिना अनुमति के की गई रजिस्ट्री मान्य नहीं होगी।
चकबंदी के बाद पुराना खसरा नंबर क्यों नहीं मिलता?
चकबंदी का काम ही छोटे-छोटे खेतों को जोड़कर एक बड़ा खेत बनाना है। जब पुराने खेत खत्म होकर नया बड़ा खेत (चक) बनता है, तो पुराने नंबर भी खत्म कर दिए जाते हैं और उनकी जगह सरकार नए ‘गाटा संख्या’ जारी करती है। इसलिए पुराने खसरा नंबर बदल जाते है।
क्या चकबंदी में जमीन थोड़ी कम हो जाती है?
हाँ, गांव की सड़क (चक रोड), नाली और स्कूल जैसी सुविधाओं के लिए हर किसान की जमीन से थोड़ा सा हिस्सा कटौती कर लिया जाता है इसीलिए आपकी जमीन कम हो जाती है।
अगर चकबंदी में गलत जमीन मिल गई है तो क्या करें?
आप तहसील जाकर ‘चकबंदी अधिकारी’ (CO) या ‘बंदोबस्त अधिकारी’ (SOC) के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अगर नाम में गलती है, तो सुधार के लिए आप वरासत का आवेदन कर सकते हैं या SOC कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
चकबंदी के बाद अपनी जमीन नहीं मिल रही तो क्या करें?
सबसे पहले नया गाटा नंबर पता करें (CH-41 या खतौनी से), फिर UP Bhulekh और Bhunaksha पर चेक करें। अगर फिर भी समस्या हो, तो लेखपाल या तहसील में संपर्क करें।
नया गाटा नंबर नहीं मिल रहा तो क्या करें?
लेखपाल से संपर्क करें या CH-41/खतौनी में देखें। बिना नए नंबर के जमीन नहीं मिलेगी।
Expert Tip (Neha’s Advice) और निष्कर्ष
💡 नेहा की खास सलाह: दोस्तों, एक जरूरी बात याद रखें – चकबंदी के बाद जब आपको नया खेत (चक) मिले, तो सिर्फ ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर संतुष्ट न हों। एक बार मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश जरूर करा लें। कई बार नक्शे और असल जमीन में थोड़ा फर्क हो सकता है। अगर कोई गड़बड़ लगे, तो तुरंत ‘बंदोबस्त अधिकारी’ (SOC) को लिखित शिकायत दें। देर करने पर सुधार मुश्किल हो जाता है।
⚠️ चेतावनी: ‘धारा 52’ लागू होने से पहले जांच लें अपना हक! जब गांव में धारा 52 (Section 52) की घोषणा हो जाती है, तो समझ लीजिए कि चकबंदी की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म हो गई है। इसके बाद रिकॉर्ड में सुधार करवाना बहुत कठिन और खर्चीला हो जाता है। इसलिए धारा 52 लागू होने से पहले ही अपनी खतौनी और कब्जे का मिलान जरूर कर लें।
चकबंदी बिखरे हुए खेतों को एक जगह लाने का अच्छा तरीका है। अगर आपके गांव में चकबंदी पूरी हो चुकी है, तो ऊपर बताए तरीके से अपनी खतौनी और नक्शा जरूर चेक कर लें। यदि रिकॉर्ड में कोई गलती दिखे, तो तुरंत तहसील या चकबंदी विभाग में संपर्क करें ताकि आपके मालिकाना हक में आगे कोई समस्या न आए।
अगर आपको अपना नया गाटा नंबर ढूंढने में परेशानी हो रही है, तो नीचे कमेंट में बताएं – हम आपकी मदद करेंगे।

नेहा यादव एक इंजीनियर हैं, जो जमीन (Land Records) से जुड़े कागजात और सरकारी डेटा को सरल भाषा में समझाने का काम करती हैं। अपनी तकनीकी समझ की मदद से वे जटिल जानकारी को आसान बनाती हैं, ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके।
Bhumi Gyan के माध्यम से उनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के लोगों की मदद करना है, ताकि वे घर बैठे अपने खसरा, खतौनी और भूलेख के रिकॉर्ड खुद और बिना किसी गलती के देख सकें।