बिहार में बैंक लोन, जमीन का बंटवारा, रजिस्ट्री या कोर्ट-कचहरी जैसे कामों के लिए अक्सर प्रमाणित जमाबंदी की जरूरत पड़ती है। सामान्य ऑनलाइन जमाबंदी हर जगह मान्य नहीं होती, इसलिए कई बार QR Code और डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रमाणित कॉपी जमा करनी पड़ती है।
अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए अंचल कार्यालय या रिकॉर्ड रूम के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार के भू-अभिलेख पोर्टल की मदद से आप घर बैठे मात्र ₹20 का सरकारी शुल्क देकर डिजिटल हस्ताक्षर (Digitally Signed) और QR Code वाली प्रमाणित जमाबंदी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रमाणित जमाबंदी डाउनलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में स्टेप-बाय-स्टेप समझाएंगे।
Digitally Signed Bihar Jamabandi कैसे डाउनलोड करें
सबसे पहले आप भूअभिलेख की ऑफिसियल वेबसाइट bhuabhilekh.bihar.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करने के लिए New User Registration पर क्लिक करके मोबाइल नंबर भरे और OTP भरकर Verify के ऑप्शन पर क्लिक करें।

स्क्रीन पर खुलकर आये फॉर्म को सही से भरकर Register के ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपका वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन हो जायेगा।

यदि ऊपर दिए गए स्टेप्स पढ़कर भी कोई बात समझ नहीं आई, तो नीचे दिया गया हमारा 👇 YouTube वीडियो देखें।
वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होते ही आपके सामने Login पेज खुलकर आएगा यहाँ अपना मोबाइल नंबर डालकर Login के ऑप्शन पर क्लिक कर दें। फिर मोबाइल नंबर पर आए हुए OTP को भरकर सबमिट करें।

यदि रजिस्ट्रेशन के दौरान OTP प्राप्त नहीं होता, तो कुछ मिनट प्रतीक्षा करें और मोबाइल नेटवर्क की जांच करके दोबारा प्रयास करें।
अब वेबसाइट का डैशबोर्ड खुलते ही आपको कई सारे दस्तावेजों की लिस्ट दिखाई देगी। यहाँ Select Document वाले विकल्प में जाकर सूची से ‘जमाबंदी पंजी’ (Jamabandi Panji) के ऑप्शन को चुनें। फिर अपना जिला, अंचल, गांव और थाना का नाम चुनकर Search के ऑप्शन पर क्लिक करें।
‘जमाबंदी पंजी’ वही मूल सरकारी रजिस्टर है जिसमें गांव की सभी जमाबंदियां दर्ज रहती हैं।

सर्च करते ही आपके पूरे गांव के पुराने स्कैन किए गए जमाबंदी रजिस्टर की लिस्ट आ जाएगी। अपने गांव और थाना नंबर को सही से चेक करके सामने दिख रहे View वाले ऑप्शन पर क्लिक कर दें।

जब आप ‘View PDF’ वाले बटन पर क्लिक करेंगे, तो आपके सामने आपके पूरे गांव (मौज) का एक बहुत बड़ा डिजिटल रजिस्टर खुल जाएगा। यह आपके पूरे गांव का स्कैन किया गया जमाबंदी रजिस्टर है। इसमें अपना नाम खोजने का तरीका नीचे विस्तार से बताया गया है।

जब आपको पीडीएफ के अंदर अपने नाम वाला पेज मिल जाए, तो जमाबंदी को डाउनलोड करने के लिए ऊपर Request For Download के ऑप्शन पर क्लिक करें और फिर नीचे बताई गई प्रक्रिया को सही से अपनाएं।
अगर आपको जमाबंदी के साथ जमीन का नक्शा भी देखना है, तो हमारी Bihar Bhunaksha गाइड की मदद से खेसरा नंबर से अपनी जमीन का नक्शा ऑनलाइन देख सकते हैं।

मोबाइल से Digitally Signed Bihar Jamabandi कैसे डाउनलोड करें?
Request For Download के ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपके सामने एक छोटा सा फॉर्म खुलेगा। इसमें Soft Copy With Digital Sign का ऑप्शन चुने और फिर अपने नाम के पेज नंबर को भरे और Submit Request के ऑप्शन पर क्लिक करें।

गलत पेज नंबर भरने पर किसी दूसरे रिकॉर्ड की कॉपी तैयार हो सकती है, इसलिए Submit करने से पहले पेज नंबर एक बार अवश्य जांच लें।
अब अपने पेमेंट डिटेल को सही से चेक करके ‘Make Your Payment’ पर क्लिक करें और पेमेंट करने के लिए पोर्टल पर दिख रहे किसी भी एक पेमेंट मेथड को चुनकर ₹20 के सरकारी शुल्क का भुगतान करें।

पेमेंट पूरा होने के बाद ही आपका आवेदन डिजिटल मोहर और दस्तखत के लिए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना के सर्वर पर जाता है।
पेमेंट करने के बाद आपको पेमेंट सफलतापूर्वक होने का मैसेज मिल जाएगा। साथ ही Track के सेक्शन में दिख रहे तीर वाले चिन्ह पर क्लिक करके आप अपने आर्डर को ट्रैक भी कर सकते है और Action के सेक्शन में दिख रहे Invoice पर क्लिक करके आप पेमेंट की रसीद भी डाउनलोड कर सकते है।

Note: पेमेंट के बाद आपको तुरंत डाउनलोड का ऑप्शन नहीं मिलता। आपको 1 से 2 दिन (24 से 48 घंटे) का इंतजार करना होगा। पटना कार्यालय से अधिकारी इसे ऑनलाइन ही जांचकर मंजूर (Approve) करते हैं।
दो दिन बाद दोबारा अपने अकाउंट में लॉग इन करें और ‘Track for Document Request’ वाले सेक्शन में जाएं। वहां आपके आवेदन के आगे ‘Approved’ (अनुमोदित किया गया है) लिखा हुआ दिखेगा। ठीक उसी के बगल में दिए गए ‘Download’ बटन पर क्लिक करें।

Download के ऑप्शन पर क्लिक करते ही Digitally Signed Bihar Jamabandi डाउनलोड होकर आ जाएगी।

Bihar Jamabandi PDF में नाम कैसे खोजें?
जब आप ‘View PDF’ वाले बटन पर क्लिक करेंगे, तो आपके सामने आपके पूरे गांव (मौज) का एक बहुत बड़ा डिजिटल रजिस्टर खुल जाएगा। यह एक तरह की सरकारी किताब है, जिसमें कई सारे पेज (पन्ने) हो सकते हैं। चूंकि इसमें सीधे नाम टाइप करके सर्च करने का बटन नहीं होता, इसलिए अपना नाम खोजने के लिए इन आसान बातों का ध्यान रखें:-
- रैयत और पिता का नाम मिलाएं: हर पेज पर आपको रैयत का नाम (जिसके नाम पर जमीन है) और उनके पिता या पति का नाम लिखा हुआ दिखाई देगा। चूंकि यह बहुत पुराना रिकॉर्ड है, इसलिए यहाँ आपके दादा-परदादा या पूर्वजों का नाम हो सकता है। अपने परिवार का नाम ध्यान से मिलाएं।
- जमीन का साइज (रकबा) जांचें: नाम के आगे देखें कि वहां कितनी जमीन लिखी है (जैसे- एकड़, बीघा या कट्टा में)। इससे आपको पक्का भरोसा हो जाएगा कि यह आपके ही परिवार का असली कागज है।
- पेज नंबर और जमाबंदी नंबर नोट करें: जैसे ही आपके परिवार का नाम मिल जाए, तो उस पेज पर ऊपर या कोने में लिखा हुआ ‘जमाबंदी नंबर’ (जिसे होल्डिंग नंबर भी कहते हैं) और वह ‘पेज नंबर’ (जिस पन्ने पर आपका नाम मिला है) किसी कागज पर पेन से लिख लें। यही पेज नंबर आगे आपको डिजिटल साइन वाली कॉपी डाउनलोड करने में काम आएगा।
अगर PDF में नाम नहीं मिल रहा है, तो अपने पिता, दादा या पूर्वजों के नाम से भी रिकॉर्ड मिलाने की कोशिश करें, क्योंकि पुराने रजिस्टरों में अक्सर वर्तमान मालिक के बजाय पूर्वजों का नाम दर्ज होता है।
सामान्य और प्रमाणित जमाबंदी में क्या अंतर है?
| विशेषता | सामान्य जमाबंदी | प्रमाणित जमाबंदी |
|---|---|---|
| QR Code | ❌ नहीं | ✅ होता है |
| डिजिटल हस्ताक्षर | ❌ नहीं | ✅ होते हैं |
| बैंक / कोर्ट / रजिस्ट्री | ❌ सरकारी एवं कानूनी कार्यों में पर्याप्त नहीं | ✅ मान्य |
| शुल्क | निःशुल्क | ₹20 प्रति पृष्ठ |
ध्यान दें: सामान्य जमाबंदी केवल जानकारी देखने के लिए होती है, जबकि प्रमाणित जमाबंदी पर QR Code और डिजिटल हस्ताक्षर होने के कारण इसे बैंक लोन, कोर्ट-कचहरी, रजिस्ट्री और अन्य सरकारी कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।
प्रमाणित जमाबंदी (Digitally Signed) के लाभ
डिजिटल सिग्नेचर (Digitally Signed) वाली बिहार मूल जमाबंदी की प्रमाणित कॉपी निकालने के कई बड़े फायदे हैं। चूंकि इस पर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, पटना की डिजिटल मुहर, सक्षम अधिकारी के डिजिटल दस्तखत और एक सरकारी क्यू.आर. कोड (Q.R. Code) होता है, इसलिए इसके लाभ सामान्य ऑनलाइन कॉपी से कहीं ज्यादा हैं।
- पूरी तरह कानूनी मान्यता (कोर्ट-कचहरी में मान्य): सामान्य ऑनलाइन जमाबंदी को अदालतें अक्सर सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं करती हैं। लेकिन डिजिटल सिग्नेचर वाली इस कॉपी पर सरकारी मुहर और क्यू.आर. कोड होने के कारण इसे किसी भी कोर्ट-कचहरी या कानूनी विवाद में असली दस्तावेज़ (Certified Copy) के रूप में पेश किया जा सकता है।
- बैंक लोन और KCC मिलने में आसानी: अगर आप अपनी जमीन पर केसीसी (KCC – किसान क्रेडिट कार्ड) या किसी भी बैंक से प्रॉपर्टी लोन (जमीन पर लोन) लेना चाहते हैं, तो बैंक आपसे प्रमाणित कागजात मांगते हैं। डिजिटल साइन वाली जमाबंदी को सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बिना किसी आपत्ति के तुरंत स्वीकार कर लेते हैं।
- अंचल कार्यालय (ब्लॉक) के चक्करों से मुक्ति: पहले इस प्रमाणित कॉपी (नकल) को निकालने के लिए किसानों को अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, जहां समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। अब आप घर बैठे मात्र ₹20 का सरकारी शुल्क देकर इसे अपने मोबाइल पर पा सकते हैं।
- बिचौलियों और दलालों से छुटकारा: अक्सर अंचल कार्यालयों में जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकालने के नाम पर बिचौलिये (दलाल) मोटी रकम की मांग करते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था होने से भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और आपका काम सीधे सरकार के माध्यम से बिना किसी अतिरिक्त खर्च के हो जाता है।
- आपसी बंटवारे और रजिस्ट्री में मददगार: जब परिवार में जमीन का आपसी बंटवारा होता है या आप अपनी जमीन किसी को बेचना (रजिस्ट्री करना) चाहते हैं, तो इस डिजिटल कॉपी को सबसे पुख्ता दस्तावेज माना जाता है। इससे भविष्य में किसी भी तरह के धोखेधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
- डाउनलोड की गई PDF सुरक्षित रखी जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा प्रिंट की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या Digitally Signed Jamabandi कोर्ट में मान्य होती है?
यह प्रमाणित प्रति कई सरकारी, बैंकिंग और कानूनी प्रक्रियाओं में उपयोग की जा सकती है। किसी विशेष संस्था द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के नियम अलग हो सकते हैं।
अगर गांव का रिकॉर्ड Not Scanned दिखा रहा है तो क्या करें?
इसका मतलब है कि आपके गांव का पुराना रजिस्टर अभी इंटरनेट पर अपलोड किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में आप कुछ दिन इंतजार कर सकते हैं या बहुत जरूरी होने पर जिला अभिलेखागार (Record Room) से ऑफलाइन कॉपी निकाल सकते हैं।
पेमेंट के बाद भी स्टेटस ‘Pending’ क्यों दिखाता है?
पेमेंट होते ही फाइल तुरंत डाउनलोड नहीं होती। डिजिटल साइन होने के लिए फाइल पटना सर्वर पर जाती है, जिसमें 24 से 48 घंटे का समय लगता है।
अगर पेमेंट कट गया लेकिन आवेदन नहीं दिख रहा, तो क्या करें?
यदि आपके खाते से ₹20 का भुगतान कट गया है, लेकिन आवेदन (Request) दिखाई नहीं दे रहा, तो तुरंत दोबारा भुगतान न करें। पहले कुछ मिनट प्रतीक्षा करें और फिर अपने अकाउंट में लॉग इन करके Track for Document Request सेक्शन में स्टेटस जांचें। यदि काफी समय बाद भी आवेदन नहीं दिखे, तो संबंधित भू-अभिलेख कार्यालय या पोर्टल के हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
अगर गलत पेज नंबर भर दिया, तो क्या होगा?
गलत पेज नंबर दर्ज करने पर आपके आवेदन में गलत रिकॉर्ड की कॉपी तैयार हो सकती है या आवेदन अस्वीकार (Reject) भी हो सकता है। इसलिए Request Submit करने से पहले PDF में पेज नंबर एक बार दोबारा अवश्य जांच लें।
Approved होने में 48 घंटे से ज्यादा लग जाए, तो किससे संपर्क करें?
आमतौर पर आवेदन 24 से 48 घंटे में Approved हो जाता है। यदि सरकारी अवकाश, अधिक आवेदन या तकनीकी कारणों से इससे अधिक समय लग जाए, तो सबसे पहले अपने अकाउंट में जाकर Track for Document Request सेक्शन में आवेदन की स्थिति जांचें। यदि कई दिनों तक कोई अपडेट न मिले, तो आधिकारिक सहायता के लिए [email protected] पर अपने आवेदन (Request) की जानकारी के साथ ईमेल भेज सकते हैं।
💡 एक्सपर्ट सलाह: नेहा यादव (Land Records Expert): जमाबंदी को लेकर अक्सर लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे ‘डिजिटल जमाबंदी’ को ही अंतिम सत्य मान लेते हैं। याद रखें, कंप्यूटर में डाटा एंट्री के समय ऑपरेटर से नाम, खाता या खेसरा नंबर में टाइपिंग की गलती हो सकती है।
मेरी सलाह है कि जब भी आप Digitally Signed जमाबंदी डाउनलोड करें, तो उसका मिलान हमेशा अपने मूल जमाबंदी रजिस्टर (रजिस्टर-2) या पुरानी रसीदों से जरूर करें। यदि कोई अंतर दिखता है, तो तुरंत अपने हल्का कर्मचारी या अंचल कार्यालय में ‘शुद्धि पत्र’ (Correction Slip) के लिए आवेदन करें। जमाबंदी पर डिजिटल साइन होने का मतलब यह नहीं है कि वह हर हाल में सही ही होगी, वह सिर्फ सरकार द्वारा ‘प्रमाणित’ (Certified) होती है।
निष्कर्ष (Conclusion): बिहार सरकार का भू-अभिलेख पोर्टल राज्य के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब Digitally Signed Bihar Jamabandi ऑनलाइन मिलने से ब्लॉक के चक्कर काटने और दलालों को फालतू पैसे देने की जरूरत नहीं है। मात्र ₹20 का छोटा सा शुल्क देकर आप घर बैठे कोर्ट-कचहरी और बैंक लोन (KCC) में काम आने वाली प्रमाणित सरकारी प्रति अपने मोबाइल पर पा सकते हैं।
जमाबंदी के साथ-साथ अगर आप अपनी जमीन का नक्शा या खतियान भी चेक करना चाहते हैं, तो हमारी ये गाइड्स जरूर पढ़ें: Bihar Bhunaksha Online और Bihar Chakbandi Khatiyan।
- ✔ इस लेख में बताई गई पूरी प्रक्रिया आधिकारिक Bihar Bhumi Portal पर स्वयं जांची और सत्यापित की गई है।
- ✔ लेख में उपयोग किए गए सभी स्क्रीनशॉट BhumiGyan टीम द्वारा आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं तैयार किए गए हैं।
- ✔ इस गाइड में User Registration, Login, Digitally Signed Jamabandi Request, Payment, Track Request, PDF Download और प्रमाणित डिजिटल हस्ताक्षरित जमाबंदी (Certified Copy) सहित आम नागरिकों द्वारा सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले प्रमुख आधिकारिक विकल्पों की जानकारी शामिल की गई है।
- ✔ जानकारी बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue & Land Reforms Department, Government of Bihar) द्वारा संचालित आधिकारिक Bihar Bhumi Portal और उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।
- ✔ इस लेख की जानकारी अंतिम बार सत्यापित की गई: 17 जून 2026
- ✔ यदि भविष्य में बिहार सरकार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित जमाबंदी प्राप्त करने की प्रक्रिया, पोर्टल के विकल्पों या इंटरफ़ेस में कोई बदलाव किया जाता है, तो इस लेख को उसी के अनुसार अपडेट किया जाएगा।
📌 आधिकारिक स्रोत
इस लेख में दी गई जानकारी बिहार सरकार के Revenue & Land Reforms Department, Government of Bihar द्वारा संचालित आधिकारिक Bihar Bhumi Portal तथा उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है.
https://biharbhumi.bihar.gov.in/

नेहा यादव BhumiGyan में Research Lead एवं Author हैं। वे भारतीय भूमि रिकॉर्ड, भूलेख पोर्टल, जमाबंदी, खतौनी, रजिस्ट्री और म्यूटेशन जैसी सरकारी प्रक्रियाओं पर शोध आधारित हिंदी गाइड तैयार करती हैं।
उनका उद्देश्य जटिल भूमि संबंधी जानकारी को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक सही जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकें।