अगर आपके पास केवल जमीन मालिक का नाम, खाता नंबर (Khata Number) या खसरा नंबर (Khasra Number) है और आप दिल्ली में अपनी जमीन का रिकॉर्ड देखना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। दिल्ली सरकार के आधिकारिक इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर DLR Act के अंतर्गत आने वाले गांवों की खतौनी ऑनलाइन देखी जा सकती है। इससे आप जमीन मालिक का नाम, खाता-खसरा संख्या, हिस्सेदारों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण भूमि रिकॉर्ड घर बैठे आसानी से देख सकते हैं।
इस गाइड में हम आपको नाम, खाता नंबर और खसरा नंबर से दिल्ली खतौनी ऑनलाइन देखने की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में बताएंगे। साथ ही यदि रिकॉर्ड नहीं मिले, एक ही नाम के कई व्यक्ति दिखाई दें या खतौनी में दर्ज जानकारी समझने में परेशानी हो, तो उसका समाधान भी बताएंगे।
तो नीचे दिए गए स्टेप्स को क्रम से फॉलो करें। कुछ ही मिनटों में आप अपनी जमीन की खतौनी देख सकेंगे और आवश्यकता होने पर उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रख सकेंगे।
दिल्ली खतौनी ऑनलाइन देखने की प्रक्रिया
Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में दिल्ली सरकार का आधिकारिक इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल dlrc.delhi.gov.in खोलें।
वेबसाइट के होम पेज पर कई ऑनलाइन सेवाएँ दिखाई देंगी। इनमें से “खसरा खतौनी विवरण” वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसी विकल्प के माध्यम से DLR Act के अंतर्गत आने वाले गांवों की खतौनी, खाता और खसरा रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकता है।

Step 2: अब सबसे पहले अपना जिला (District), तहसील (Tehsil) और गांव (Village) चुनें। इसके बाद सामने दिखाई दे रहे View Records विकल्प पर क्लिक करें।

ध्यान दें: यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे या जानकारी में सुधार की आवश्यकता हो, तो इसी पेज पर संबंधित तहसीलदार कार्यालय की संपर्क जानकारी भी उपलब्ध रहती है।
Step 3: अब रिकॉर्ड खोजने वाला पेज खुल जाएगा। यहां Khata Type में Land held by Bhumidars विकल्प चुनें। इसके बाद अपना Village (गांव) चुनें। अब Search Option में आपके पास जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार सही विकल्प चुनें।
- By Name: यदि आपके पास केवल जमीन मालिक (Owner) का नाम उपलब्ध है।
- By Khata Number: यदि आपके पास खाता संख्या उपलब्ध है और उसी खाते का रिकॉर्ड देखना चाहते हैं।
- By Khasra Number: यदि आपके पास जमीन का खसरा नंबर उपलब्ध है और किसी विशेष प्लॉट का रिकॉर्ड देखना चाहते हैं।

ध्यान दें: ऊपर दिए गए विकल्पों में से केवल एक विकल्प चुनना होता है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया लगभग समान रहती है और अंत में उसी जमीन की खतौनी (Khata Details) दिखाई जाती है।
Step 4: अब Step 3 में चुने गए Search Option के अनुसार अपनी जानकारी दर्ज करें। यदि आपने By Name चुना है, तो Name of Owner में जमीन मालिक का नाम दर्ज करें। यदि आपने By Khata Number चुना है, तो संबंधित खाता संख्या दर्ज करें। वहीं By Khasra Number चुनने पर जमीन का खसरा नंबर भरें। इसके बाद Search बटन पर क्लिक करें।

ध्यान दें: यदि नाम से खोज रहे हैं, तो बेहतर परिणाम के लिए जमीन मालिक का नाम हिंदी में दर्ज करें। यदि रिकॉर्ड नहीं मिले, तो नाम के शुरुआती 3-4 अक्षर लिखकर दोबारा Search करें।
Step 5: Search पर क्लिक करने के बाद आपके द्वारा दर्ज की गई जानकारी के अनुसार एक या एक से अधिक रिकॉर्ड दिखाई देंगे। यदि आपने नाम (By Name) से खोजा है, तो List of Owner(s) में एक जैसे नाम वाले कई जमीन मालिक दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में सही व्यक्ति का नाम चुनें।
इसके बाद नीचे Khata No. और List of Owner(s) in the Khata सेक्शन में उस खाते से जुड़े सभी हिस्सेदारों (Co-owners) की जानकारी दिखाई देगी। यदि आपने खाता नंबर या खसरा नंबर से खोजा है, तो संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि करके आगे बढ़ें।
सभी जानकारी सही मिलने पर View Khata Details बटन पर क्लिक करें।

Step 6: View Khata Details पर क्लिक करते ही संबंधित जमीन की पूरी खतौनी (Khata Details) खुल जाएगी। यहां आप खाता संख्या (Khata No.), जमीन मालिक (Owner), हिस्सेदार (Co-owners), खसरा नंबर (Khasra No.), क्षेत्रफल (Area) तथा कैफियत (Remarks) जैसी महत्वपूर्ण जानकारी देख सकते हैं।

रिकॉर्ड देखते समय विशेष रूप से Remarks कॉलम की जांच करें। यदि इसमें धारा 81 (Section 81), Mortgage (बंधक), Court Case, Stay Order या कोई अन्य कानूनी टिप्पणी दर्ज हो, तो जमीन से संबंधित कोई महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसी भी खरीद-बिक्री या अन्य भूमि लेन-देन से पहले संबंधित तहसीलदार कार्यालय से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
ध्यान दें: ऑनलाइन दिखाई गई यह खतौनी केवल जानकारी देखने के लिए होती है। यदि आपको बैंक लोन, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), कोर्ट, रजिस्ट्री या किसी अन्य सरकारी कार्य के लिए दस्तावेज़ चाहिए, तो संबंधित तहसीलदार कार्यालय से जारी डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाणित खतौनी प्राप्त करें।
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दिल्ली खतौनी में कौन-कौन सी जानकारी होती है?
जब आप इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर अपनी दिल्ली खतौनी (Khata Details) खोलते हैं, तो उसमें केवल जमीन मालिक का नाम ही नहीं बल्कि जमीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी दिखाई देती हैं। नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक जानकारी का आसान अर्थ समझाया गया है।
| जानकारी | मतलब |
|---|---|
| जमीन मालिक (Owner) | वर्तमान मालिक |
| खाता संख्या | खाते की पहचान |
| खसरा संख्या | प्लॉट/खेत की पहचान |
| कुल क्षेत्रफल | जमीन का रकबा |
| हिस्सेदार | सह-स्वामी |
| कैफियत (Remarks) | कानूनी टिप्पणियां |
कैफियत (Remarks) कॉलम का मतलब क्या होता है?
दिल्ली खतौनी में कैफियत (Remarks) सबसे महत्वपूर्ण कॉलमों में से एक होता है। इसमें जमीन से जुड़ी विशेष कानूनी जानकारी दर्ज की जाती है। यदि इस कॉलम में धारा 81, लोन, Court Case या Stay Order जैसी कोई टिप्पणी दिखाई दे, तो जमीन से संबंधित कोई कानूनी स्थिति हो सकती है। इसलिए जमीन खरीदने, बेचने या किसी भी अन्य भूमि लेन-देन से पहले इस कॉलम को ध्यान से जरूर पढ़ें।
कैफियत (Remarks) कॉलम में क्या लिखा हो सकता है?
कैफियत (Remarks) कॉलम में जमीन से जुड़ी महत्वपूर्ण कानूनी या राजस्व संबंधी जानकारी दर्ज होती है। यदि इस कॉलम में कोई विशेष टिप्पणी दिखाई देती है, तो जमीन खरीदने या किसी कानूनी प्रक्रिया से पहले उसकी जांच अवश्य करें।
| कैफियत (Remarks) | मतलब |
|---|---|
| Section 81 | जमीन पर दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम के तहत कार्रवाई या नोटिस से संबंधित टिप्पणी हो सकती है। |
| Acquired / DDA | जमीन का अधिग्रहण किसी सरकारी विभाग या DDA द्वारा किया गया हो सकता है। |
| Court Order / Stay | जमीन से संबंधित न्यायालय का आदेश या विवाद दर्ज हो सकता है। |
| Mutation Pending | नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया लंबित हो सकती है। |
| Gaon Sabha | जमीन ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र से संबंधित हो सकती है। |
| No Remarks / Blank | कोई विशेष टिप्पणी दर्ज नहीं है। |
DLR Act क्या है?
DLR Act (Delhi Land Reforms Act, 1954) दिल्ली के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों की जमीनों से संबंधित एक महत्वपूर्ण कानून है। DLR Act के अंतर्गत आने वाले गांवों की जमीन का रिकॉर्ड खतौनी (Khata Details) के रूप में रखा जाता है। इसी कारण इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर इन गांवों की जमीन का रिकॉर्ड नाम, खाता नंबर या खसरा नंबर की सहायता से ऑनलाइन देखा जा सकता है। यदि आपकी जमीन DLR Act वाले गांव में है, तो उसका रिकॉर्ड इसी प्रक्रिया से मिलेगा।
अगर दिल्ली खतौनी रिकॉर्ड नहीं मिले तो क्या करें?
यदि सही जानकारी दर्ज करने के बाद भी इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर आपका खतौनी रिकॉर्ड दिखाई नहीं देता, तो सबसे पहले यह जांचें कि आपने सही जिला, तहसील और गांव चुना है। यदि नाम से खोज रहे हैं, तो जमीन मालिक का नाम सही दर्ज करें। इसके बाद खाता नंबर या खसरा नंबर से भी रिकॉर्ड खोजने का प्रयास करें। यदि फिर भी रिकॉर्ड उपलब्ध न हो, तो संभव है कि आपका गांव DLR Act के बजाय PLR Act के अंतर्गत आता हो। ऐसी स्थिति में संबंधित तहसीलदार कार्यालय से संपर्क करें या PLR Act के तहत उपलब्ध जमाबंदी रिकॉर्ड की जांच करें।
💡 रिकॉर्ड नहीं मिला: यदि आपका गांव PLR Act के अंतर्गत आता है, तो वहां खतौनी के बजाय दिल्ली जमाबंदी (फर्द) ऑनलाइन कैसे देखें गाइड देखें।
नाम, खाता और खसरा नंबर से खतौनी देखने में क्या अंतर है?
दिल्ली के इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर एक ही खतौनी रिकॉर्ड को अलग-अलग तरीकों से खोजा जा सकता है। नीचे दी गई तालिका से समझें कि किस स्थिति में कौन-सा तरीका सबसे अधिक उपयोगी रहता है।
| तरीका | कब उपयोग करें | सबसे अच्छा किसके लिए |
|---|---|---|
| नाम | मालिक का नाम हो | सामान्य उपयोगकर्ता |
| खाता नंबर | पूरा खाता देखना हो | परिवार/साझा खाता |
| खसरा नंबर | किसी एक प्लॉट की जानकारी चाहिए | जमीन खरीदने से पहले |
💡 नेहा यादव (Land Records Expert): यदि आप दिल्ली में जमीन खरीदने, बेचने या किसी भूमि की जांच कर रहे हैं, तो केवल जमीन मालिक का नाम देखकर निर्णय न लें। खतौनी में दर्ज खाता संख्या, खसरा नंबर, हिस्सेदार (Co-owners) और Remarks कॉलम की जानकारी अवश्य मिलाएं।
यदि आपने खतौनी रिकॉर्ड देख लिया है और अब जमीन की वास्तविक स्थिति, सीमाएं (Boundary) या आसपास के प्लॉट की जानकारी भी जांचना चाहते हैं, तो हमारी दिल्ली GIS भू-नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें? गाइड भी पढ़ें। खतौनी और GIS नक्शे का मिलान करने से जमीन की पहचान और सत्यापन अधिक आसान हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या दिल्ली खतौनी ऑनलाइन देखना पूरी तरह मुफ्त है?
हाँ। दिल्ली सरकार के आधिकारिक इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर खतौनी रिकॉर्ड देखना पूरी तरह निःशुल्क है। आप नाम, खाता नंबर या खसरा नंबर की सहायता से रिकॉर्ड ऑनलाइन खोज सकते हैं। हालांकि, वेबसाइट पर दिखाई जाने वाली यह प्रति केवल जानकारी के लिए होती है। यदि आपको बैंक लोन, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), कोर्ट, रजिस्ट्री या किसी अन्य सरकारी कार्य के लिए दस्तावेज़ चाहिए, तो तहसीलदार कार्यालय से जारी डिजिटल हस्ताक्षरित (Certified) खतौनी प्राप्त करनी होगी।
क्या मैं केवल नाम से दिल्ली खतौनी देख सकता हूँ?
हाँ। यदि आपकी जमीन DLR Act के अंतर्गत आने वाले गांव में है, तो आप केवल जमीन मालिक के नाम से भी खतौनी खोज सकते हैं। इसके लिए Search Option में By Name चुनें और जमीन मालिक का नाम दर्ज करें। यदि एक जैसे नाम वाले कई रिकॉर्ड दिखाई दें, तो सही व्यक्ति की पहचान खाता संख्या, खसरा नंबर और हिस्सेदारों (Co-owners) की जानकारी मिलाकर करें।
अगर नाम से रिकॉर्ड नहीं मिले तो क्या करें?
यदि नाम दर्ज करने के बाद रिकॉर्ड दिखाई नहीं देता, तो सबसे पहले जिला, तहसील और गांव सही चुना है या नहीं इसकी जांच करें। इसके बाद नाम की स्पेलिंग दोबारा जांचें और आवश्यकता होने पर नाम के शुरुआती 3-4 अक्षर लिखकर Search करें। यदि फिर भी रिकॉर्ड उपलब्ध न हो, तो खाता नंबर या खसरा नंबर से खोजने का प्रयास करें।
इसके बाद भी रिकॉर्ड न मिले, तो संबंधित तहसीलदार कार्यालय से संपर्क करें या यह जांचें कि आपका गांव DLR Act के बजाय PLR Act के अंतर्गत तो नहीं आता।
क्या खाता नंबर या खसरा नंबर से भी खतौनी देख सकते हैं?
हाँ। यदि आपके पास खाता नंबर या खसरा नंबर उपलब्ध है, तो उसी की सहायता से भी दिल्ली खतौनी रिकॉर्ड देखा जा सकता है। Search Option में संबंधित विकल्प चुनें, संख्या दर्ज करें और Search पर क्लिक करें। यह तरीका नाम से खोजने की तुलना में अधिक सटीक माना जाता है क्योंकि इसमें एक जैसे नाम वाले कई लोगों की समस्या नहीं होती।
खतौनी के Remarks (कैफियत) कॉलम का क्या महत्व है?
Remarks (कैफियत) कॉलम खतौनी का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। इसमें जमीन से जुड़ी विशेष कानूनी जानकारी दर्ज होती है, जैसे Section 81, Mortgage (बंधक), Court Case या Stay Order। यदि इस कॉलम में कोई टिप्पणी दिखाई दे, तो जमीन खरीदने या बेचने से पहले उसकी पूरी जानकारी संबंधित तहसीलदार कार्यालय से अवश्य सत्यापित करें।
DLR Act और PLR Act में क्या अंतर है?
दिल्ली में सभी गांव एक ही कानून के अंतर्गत नहीं आते। DLR Act वाले गांवों में भूमि रिकॉर्ड खतौनी (Khata Details) के रूप में उपलब्ध होता है, जबकि PLR Act वाले क्षेत्रों में जमाबंदी (Fard) रिकॉर्ड देखा जाता है। इसलिए रिकॉर्ड खोजने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका गांव किस कानून के अंतर्गत आता है। यदि आपका गांव PLR Act में है, तो आपको खतौनी के बजाय जमाबंदी रिकॉर्ड देखना होगा।
निष्कर्ष
अब आप आसानी से समझ गए होंगे कि दिल्ली सरकार के इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर नाम, खाता नंबर या खसरा नंबर की सहायता से दिल्ली खतौनी ऑनलाइन कैसे खोजी जाती है। यदि आपके पास इनमें से कोई भी जानकारी उपलब्ध है, तो आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख सकते हैं।
यदि रिकॉर्ड खोजने में कोई समस्या आए, तो पहले सही जिला, तहसील और गांव की जांच करें। इसके बाद भी रिकॉर्ड उपलब्ध न हो, तो संबंधित तहसीलदार कार्यालय से संपर्क करें या यह जांचें कि आपका गांव DLR Act या PLR Act में से किसके अंतर्गत आता है।
- ✔ इस लेख में बताई गई पूरी प्रक्रिया दिल्ली सरकार के आधिकारिक इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर स्वयं जांची और सत्यापित की गई है।
- ✔ लेख में उपयोग किए गए सभी स्क्रीनशॉट BhumiGyan टीम द्वारा आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं तैयार किए गए हैं।
- ✔ इस गाइड में नाम, खाता नंबर और खसरा नंबर से दिल्ली खतौनी देखने के सभी उपलब्ध आधिकारिक तरीकों को शामिल किया गया है।
- ✔ जानकारी दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग (Revenue Department, GNCTD) और इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड एवं जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।
- ✔ इस लेख की जानकारी अंतिम बार सत्यापित की गई: 5 जुलाई 2026
- ✔ यदि भविष्य में इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल की प्रक्रिया, विकल्प या इंटरफ़ेस में बदलाव होता है, तो इस लेख को उसी के अनुसार नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।
📌 आधिकारिक स्रोत
इस लेख में दी गई जानकारी दिल्ली सरकार के इंद्रप्रस्थ भूलेख (DLRC) पोर्टल तथा उपलब्ध आधिकारिक निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है।
https://dlrc.delhi.gov.in/

नेहा यादव BhumiGyan में Research Lead एवं Author हैं। वे भारतीय भूमि रिकॉर्ड, भूलेख पोर्टल, जमाबंदी, खतौनी, रजिस्ट्री और म्यूटेशन जैसी सरकारी प्रक्रियाओं पर शोध आधारित हिंदी गाइड तैयार करती हैं।
उनका उद्देश्य जटिल भूमि संबंधी जानकारी को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक सही जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकें।