अंश निर्धारण (Partition) क्या है? जानिए जमीन के बंटवारे की पूरी कानूनी प्रक्रिया और नियम

अंश निर्धारण (Partition) के माध्यम से संयुक्त संपत्ति को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की कानूनी प्रक्रिया दर्शाने वाला चित्र

हमारे देश भारत में, खासकर ग्रामीण इलाकों और गाँव-देहात में, जमीन-जायदाद को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होना बहुत आम बात है। अक्सर देखा जाता है कि पिता या दादा की मृत्यु के बाद उनके हिस्से की खेती की जमीन, मकान या दुकान पर सभी बच्चों का नाम तो सरकारी कागजों में दर्ज … Read more

हक-त्याग पत्र (Relinquishment Deed) क्या है? जानिए इसके नियम, सरकारी खर्च और पूरी कानूनी प्रक्रिया

हक-त्याग पत्र (Relinquishment Deed) के माध्यम से संपत्ति के हिस्से का त्याग, रजिस्ट्रेशन और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को दर्शाने वाला चित्र

हमारे देश में जमीन-जायदाद और खेतों को लेकर सबसे ज्यादा विवाद परिवारों में होते हैं। अक्सर देखा जाता है कि हमारे देश में दादा या पिता की मृत्यु के बाद जमीन पर सभी कानूनी वारिसों (जैसे- भाई, बहन या माँ) का साझा हक हो जाता है। यदि इनमें से कोई अपनी मर्जी से, बिना पैसा … Read more

मुस्लिम कानून में हिबा (Hiba) क्या है? जानिए इसके नियम, शर्तें और पूरी कानूनी प्रक्रिया

हिबा (Hiba) की कानूनी प्रक्रिया, नियम, शर्तें और मुस्लिम कानून के तहत संपत्ति दान को समझाने वाला चित्र

हमारे देश में जमीन-जायदाद, खेत, मकान या कोई भी कीमती चीज किसी दूसरे को सौंपने के कई कानूनी तरीके हैं। हिंदुओं या सामान्य नागरिकों के लिए जहाँ ‘दान पत्र’ (Gift Deed) का नियम लागू होता है, वहीं मुस्लिम समाज के लिए संपत्ति दान करने का एक विशेष और अलग नियम है, जिसे इस्लामिक कानून (Muslim … Read more

दान पत्र (Gift Deed) क्या है? जानिए इसके कानूनी नियम और पूरी प्रक्रिया

दान पत्र (Gift Deed) के कानूनी नियम, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और संपत्ति हस्तांतरण को दर्शाने वाला चित्र

हमारे देश में जमीन-जायदाद, मकान या गहने किसी दूसरे को देने के कई तरीके हैं। लोग या तो संपत्ति को बेचते हैं, या अपनी मृत्यु के बाद के लिए वसीयत (Will) लिख जाते हैं। लेकिन इन सब के अलावा एक और बहुत महत्वपूर्ण और कानूनी तरीका है, जिसे दान पत्र (Gift Deed) कहा जाता है। … Read more

पैतृक संपत्ति और स्व-अर्जित संपत्ति में क्या अंतर है? जानिए कानूनी नियम, अधिकार, वसीयत और बंटवारे की पूरी जानकारी

पैतृक संपत्ति और स्व-अर्जित संपत्ति के बीच कानूनी अंतर, अधिकार और बंटवारे को दर्शाने वाला चित्र

भारतीय परिवारों में जमीन-जायदाद को लेकर होने वाले अधिकांश विवाद पैतृक संपत्ति और स्व-अर्जित संपत्ति की सही जानकारी न होने के कारण पैदा होते हैं। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि पिता की हर संपत्ति पर बच्चों का जन्म से अधिकार होता है, जबकि कानून में ऐसा हमेशा नहीं होता। इसी तरह कई … Read more

वसीयत (Will) क्या है और यह कैसे काम करती है? | संपत्ति बंटवारे की पूरी जानकारी

वसीयत (Will) क्या है, यह कैसे काम करती है और मृत्यु के बाद संपत्ति का बंटवारा कैसे होता है, इसकी जानकारी दर्शाने वाला चित्र

अपने जीवनभर की मेहनत से कमाई गई जमीन, मकान, बैंक बैलेंस, एफडी, शेयर या गहनों को अपनी मृत्यु के बाद अपनी इच्छा के अनुसार परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को देने का सबसे सुरक्षित कानूनी तरीका वसीयत (Will) है। हमारे समाज में बहुत से लोग वसीयत लिखने को अशुभ मानते हैं या सोचते हैं कि … Read more

बिना वसीयत मृत्यु होने पर जमीन किसे मिलेगी? जानें उत्तराधिकार के कानूनी नियम

बिना वसीयत मृत्यु होने पर जमीन का उत्तराधिकार, पत्नी, बेटा, बेटी और मां के कानूनी अधिकार की जानकारी

जमीन-जायदाद और मकान को लेकर हमारे समाज में सबसे ज्यादा विवाद तब होते हैं, जब परिवार के मुखिया की अचानक मृत्यु हो जाती है और उन्होंने जीते-जी कोई वसीयत (Will) नहीं लिखी होती। गाँव-घर में अक्सर लोग जानकारी के अभाव में आपस में ही लड़ने लगते हैं कि जमीन पर किसका कितना हक है। कानूनी … Read more

पिता की संपत्ति में बेटी का कितना अधिकार है? जानें कानूनी नियम और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

पिता की संपत्ति में बेटी का अधिकार, पैतृक संपत्ति और शादीशुदा बेटी के कानूनी अधिकार की जानकारी

जमीन-जायदाद और संपत्ति के नियमों को लेकर हमारे समाज में कई तरह की बातें होती हैं। अक्सर गाँव-घर में लोग यही सोचते हैं कि पिता की जमीन और मकान पर केवल बेटों का ही हक होता है और बेटी की शादी हो जाने के बाद उसका अपने मायके की संपत्ति से रिश्ता टूट जाता है। … Read more

रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) क्यों जरूरी है? जानिए दोनों में सबसे बड़ा अंतर | Registry vs Mutation

रजिस्ट्री दस्तावेज और भूमि रिकॉर्ड रजिस्टर में नए मालिक का नाम दर्ज करते हुए

जमीन या मकान खरीदने के बाद अधिकांश लोग यह मान लेते हैं कि रजिस्ट्री हो जाने के साथ ही सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। लेकिन वास्तव में प्रॉपर्टी खरीदने के बाद एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसे म्यूटेशन (Mutation) कहा जाता है। कई राज्यों में इसे दाखिल-खारिज, नामांतरण या इंतकाल के नाम … Read more