बिहार में अपनी जमीन की जानकारी देखने के लिए अब आपको बार-बार सरकारी दफ्तर या राजस्व कर्मचारी के पास जाने की जरूरत नहीं है। अब बिहार सरकार के Bihar Bhumi पोर्टल की मदद से आप केवल नाम डालकर भी अपनी जमीन की पूरी जमाबंदी आसानी से देख सकते हैं। अगर आपके पास खाता या खेसरा नंबर नहीं है और आपको केवल दादा-परदादा या जमीन मालिक का नाम याद है, तो आप मात्र 2 मिनट में अपनी पूरी जमाबंदी देख और डाउनलोड कर सकते हैं। चलिए, इस प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि नाम से पूरी जमाबंदी कैसे देखें, ताकि आप घर बैठे मोबाइल से अपनी जमीन की पूरी जानकारी निकाल सकें।
जमीन का विवरण देखने के लिए सबसे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।
Bihar Jamabandi: नाम से जमाबंदी निकालने की प्रक्रिया
Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर biharbhumi.bihar.gov.in की वेबसाइट को खोले। यह बिहार सरकार द्वारा जारी की गयी ऑफिशियल वेबसाइट है।
Step 2: यहाँ होम पेज पर आपको कई विकल्प मिलेंगे, जमीन की जमाबंदी देखने के लिए आपको ‘जमाबंदी पंजी देखें’ (View Jamabandi Register) वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

Step 3: अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहाँ सबसे पहले ड्रॉप-डाउन लिस्ट से अपने जनपद (District) का नाम चुनें, फिर अपने अंचल (Block) का चुनाव करें और ‘Proceed’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको अपने हल्का (Halka) और अंत में अपने मौजा (Village) का नाम चुनना होगा।

Step 4: गांव (मौजा) चुनने के बाद आपकी स्क्रीन पर जमीन खोजने के कई विकल्प दिखाई देंगे। आप किसी भी एक ऑप्शन को चुनकर जमीन की जमाबंदी देख सकते हैं लेकिन अगर आपके पास जमीन मालिक के नाम के अलावा आपके पास कोई दूसरी जानकारी नहीं है तो ‘रैयत के नाम से खोजें’ वाले ऑप्शन को चुने और रैयत यानि जमीन के मालिक का नाम भरें और सुरक्षा कोड भरकर Search के ऑप्शन पर क्लिक कर दें।
नोट: यदि आपको अपनी जमाबंदी संख्या याद नहीं है, तो आप ‘रैयत के नाम से खोजें’ वाले विकल्प को चुनकर अपने दादा या पिता के नाम से भी पूरी जमीन की लिस्ट निकाल सकते हैं।

ध्यान दें: यहाँ पर सही स्पेलिंग भरना बहुत जरूरी है। रैयत का नाम हिंदी या अंग्रेजी में सही-सही टाइप करें, नहीं तो ‘Record Not Found’ की समस्या आ सकती है।
Step 5: जैसे ही आप सर्च करेंगे, आपके गांव में उस नाम से मिलते-जुलते सभी रैयतों की एक लिस्ट नीचे खुल जाएगी। इस लिस्ट में अपने पिता/पति का नाम और खाता नंबर, जमाबंदी संख्या मिलाकर अपनी सही जमीन की पहचान करें।

Step 6 : अब इसके बाद सही नाम के ठीक सामने देखें वाले सेक्शन में दिख रहे ‘आंख’ (View) के आइकॉन पर क्लिक करें।

Step 7 : अब आपकी स्क्रीन पर पूरी डिजिटल जमाबंदी दिख जाएगी। यहाँ आप अपनी जमीन की पूरी जानकारी जैसे कुल क्षेत्रफल और चौहद्दी आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा आप भाग वर्तमान, पृष्ठ संख्या, लगान का विवरण और हिस्सेदारों के नाम भी देख सकते हैं और ‘Print’ आइकॉन पर क्लिक करके आप पीडीएफ को अपने मोबाइल में सुरक्षित कर सकते है या प्रिंट निकलवाकर भी रख सकते हैं।

महत्वपूर्ण चेतावनी: इंटरनेट से निकाली गई यह जमाबंदी केवल आपकी जानकारी और जमीन का स्टेटस चेक करने के लिए है। इसका उपयोग कोर्ट या किसी भी कानूनी रजिस्ट्री कार्यों में ‘प्रमाणित दस्तावेज’ के रूप में नहीं किया जा सकता। सरकारी या कानूनी कार्यों के लिए अंचल अधिकारी (CO) द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित या राजस्व कर्मचारी की मुहर लगी प्रमाणित कॉपी ही मान्य होगी।
बिहार जमाबंदी में नाम या खाता-खेसरा गलत हो तो क्या करें?
अगर ऑनलाइन जमाबंदी पंजी देखते समय आपको अपने नाम की स्पेलिंग, खाता-खेसरा नंबर या रकबा (Area) में कोई गलती दिखाई देती है, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार ने इसके लिए ‘परिमार्जन पोर्टल’ (Parimarjan Portal) बनाया है। आप ऑनलाइन सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद अंचल अधिकारी (CO) द्वारा आपके रिकॉर्ड को ठीक कर दिया जाएगा।
नाम से Bihar Jamabandi देखने के मुख्य फायदे क्या हैं?
बिहार भूमि पोर्टल पर केवल नाम की मदद से जमीन का रिकॉर्ड खोजने की सुविधा मिलने से राज्य के आम नागरिकों और किसानों को कई बड़े फायदे हुए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- बिना कागजात के जमीन खोजना: यदि आपके पास पुरानी रसीद, खाता या प्लॉट नंबर नहीं है, तब भी आप सिर्फ दादा-परदादा या पिता के नाम से अपनी पूरी जमीन का ब्यौरा निकाल सकते हैं।
- समय और पैसों की बचत: अब आपको अंचल कार्यालय (सीओ ऑफिस) के चक्कर काटने या दलालों को पैसे देने की जरूरत नहीं है। यह काम आपके मोबाइल से घर बैठे बिल्कुल मुफ्त में हो जाता है।
- पुश्तैनी जमीन का पता चलना: इस तरीके से आप गांव की पूरी लिस्ट में अपने परिवार का नाम ढूंढकर उन पुरानी पुश्तैनी जमीनों का भी पता लगा सकते हैं, जिनकी जानकारी नई पीढ़ी को नहीं थी।
- हिस्सेदारों की सटीक जानकारी: नाम से जमाबंदी खोलने पर जमीन के क्षेत्रफल के साथ-साथ यह भी साफ पता चल जाता है कि उस जमीन में और किन-किन हिस्सेदारों के नाम दर्ज हैं, जिससे पारिवारिक विवाद नहीं होते।
- धोखाधड़ी से सुरक्षा: घर बैठे समय-समय पर अपना रिकॉर्ड चेक करने से आपको यह तसल्ली रहती है कि सरकारी कागजों में आपकी जमीन सुरक्षित है और किसी ने गलत तरीके से उस पर कब्जा या हेरफेर नहीं किया है।
Biharbhumi वेबसाइट नहीं चल रही? (सर्वर एरर का समाधान)
बिहार भूमि पोर्टल पर एक साथ लाखों लोग अपनी जमीन का रिकॉर्ड चेक करते हैं, जिसकी वजह से अक्सर ‘Server Error’, ‘Site Can’t Be Reached’ या पेज गोल-गोल घूमने (Slow Loading) की समस्या आने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इन 5 आसान तरीकों को अपनाएं
- दोपहर के समय कार्यालयों और साइबर कैफे में इसी वेबसाइट पर काम होता है, जिससे सर्वर पर लोड बहुत बढ़ जाता है। इस समस्या से बचने के लिए आप सुबह 7 बजे से पहले या रात 9 बजे के बाद वेबसाइट खोलें; इस समय ट्रैफिक कम होने के कारण साइट तेज चलती है।
- कई बार वेबसाइट बिल्कुल ठीक होती है, लेकिन आपके मोबाइल ब्राउज़र में पुराना डेटा जमा होने के कारण एरर दिखाता है। इसके समाधान के लिए अपने क्रोम ब्राउज़र की हिस्ट्री और कैशे (Cache) को क्लियर कर दें, या फिर ब्राउज़र में Incognito Window खोलकर बिहार भूमि की वेबसाइट चलाएं।
- अगर मोबाइल स्क्रीन पर ‘रैयत का नाम’ या ‘मौजा’ चुनने का ऑप्शन नहीं खुल रहा है, तो अपने ब्राउज़र को रिफ्रेश करके दोबारा कोशिश करें।
- यदि मुख्य वेबसाइट (biharbhumi.bihar.gov.in) बार-बार क्रैश हो रही है, तो आप गूगल प्ले स्टोर से बिहार सरकार का ऑफिशियल ‘Bihar Bhumi’ मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। कई बार वेबसाइट के मुकाबले ऐप का सर्वर कम लोड होने के कारण जल्दी काम करता है।
- यदि आपके फोन या लैपटॉप में दो दिनों तक लगातार प्रयास करने के बाद भी सर्वर एरर बना रहता है, तो इसका मतलब है कि पोर्टल पर कोई बड़ा मेंटेनेंस काम चल रहा है। ऐसी स्थिति में आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जा सकते हैं या सीधा अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर से अपनी जमाबंदी की कॉपी निकलवा सकते हैं।
Bihar Jamabandi खोजने के अन्य तरीके(खाता और खेसरा नंबर से)
यदि आपको नाम से खोजने में परेशानी हो रही है, तो आप निचे बताएं गए किसी भी एक तरीके का इस्तेमाल करके जमाबंदी डाउनलोड कर सकते है।
- भाग वर्तमान और पृष्ठ संख्या: अगर आपके पास जमीन की कोई भी पुरानी कागजी रसीद मौजूद है, तो उस पर ‘भाग वर्तमान’ और ‘पृष्ठ संख्या’ साफ-साफ लिखी होती है। बिहार भूमि पोर्टल पर यह जानकारी डालते ही आपकी जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड मात्र 10 सेकंड में आपके सामने खुलकर आ जाता है।
- खाता संख्या: खाता संख्या आपकी जमीन की पहचान के लिए सरकार द्वारा दिया गया एक खास नंबर होता है। जब आप पोर्टल पर अपनी जमीन का खाता नंबर डालकर सर्च करते हैं, तो उस पूरे खाते के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों का विवरण एक साथ स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। इस विकल्प का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप एक ही बार में अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम दर्ज कुल जमीन की लिस्ट आसानी से चेक कर सकते हैं।
- प्लॉट संख्या/खेसरा नंबर: खेसरा संख्या को आम बोलचाल की भाषा में ‘प्लॉट नंबर’ या ‘जमीन का टुकड़ा नंबर’ भी कहा जाता है, जो हर एक प्लॉट के लिए अलग होता है। यदि आपको अपनी जमीन का सटीक नक्शा या सिर्फ उस खास टुकड़े का मालिकाना हक देखना है, तो आप इस विकल्प को चुनकर सीधा अपना खेसरा नंबर भर सकते हैं। ऐसा करने से सीधे उसी प्लॉट की पूरी जमाबंदी पंजी और उसका रकबा (Area) आपकी स्क्रीन पर आ जाता है।
- जमाबंदी संख्या द्वारा: जमाबंदी संख्या आपकी जमीन के सरकारी रजिस्टर (पंजी-2) का वह सीरियल नंबर होता है, जिसके तहत आपकी जमीन का पूरा ब्योरा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। अगर आपके पास अपनी जमीन का यह पुराना जमाबंदी नंबर मौजूद है, तो आपको नाम या खाता नंबर ढूंढने की कोई जरूरत नहीं पड़ती।
💡 एक्सपर्ट सलाह: नेहा यादव (Land Records Expert): बिहार में कोई भी जमीन खरीदते समय केवल कागजी केवाला (Sale Deed) पर भरोसा न करें। राजस्व विभाग के पोर्टल पर जाकर ‘जमाबंदी पंजी-II’ में यह जरूर चेक करें कि वर्तमान में सरकार को लगान (Tax) कौन दे रहा है। यदि केवाला होने के बाद भी जमाबंदी अभी भी पुराने मालिक के नाम पर ही चल रही है, तो दाखिल-खारिज (Mutation) न होने के कारण वह सौदा आपके लिए विवादित हो सकता है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
क्या रैयत के नाम से जमाबंदी देखना पूरी तरह फ्री है?
हाँ, बिहार भूमि (Bihar Bhumi) पोर्टल से जमाबंदी देखना, चेक करना और प्रिंट निकालना पूरी तरह मुफ्त है। इसके लिए सरकार कोई शुल्क नहीं लेती।
क्या ऑनलाइन जमाबंदी से बैंक लोन मिल सकता है?
सामान्य तौर पर बैंक लोन या कोर्ट केस के लिए अंचल कार्यालय (सीओ ऑफिस) से प्राप्त मुहर लगी प्रमाणित प्रति (Certified Copy) या डिजिटल साइन वाली जमाबंदी की मांग की जाती है।
नाम सर्च करने पर ‘No Record Found’ क्यों दिखाता है?
इसके दो मुख्य कारण हो सकते हैं- या तो आपने नाम की स्पेलिंग में गलती की है, या फिर आपकी जमीन का रिकॉर्ड अभी तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है।
निष्कर्ष: आज के इस डिजिटल दौर में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों और जमीन मालिकों के काम को बहुत आसान बना दिया है। इस लेख में हमने विस्तार से समझा कि कैसे आप मात्र कुछ स्टेप्स में अपने मोबाइल से केवल नाम के जरिए जमीन की जमाबंदी आसानी से निकाल सकते हैं। अब आपको अपनी ही जमीन के रिकॉर्ड के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। उम्मीद है अब आप आसानी से नाम से अपनी जमाबंदी देख पाएंगे।

नेहा यादव एक इंजीनियर हैं, जो जमीन (Land Records) से जुड़े कागजात और सरकारी डेटा को सरल भाषा में समझाने का काम करती हैं। अपनी तकनीकी समझ की मदद से वे जटिल जानकारी को आसान बनाती हैं, ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके।
Bhumi Gyan के माध्यम से उनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के लोगों की मदद करना है, ताकि वे घर बैठे अपने खसरा, खतौनी और भूलेख के रिकॉर्ड खुद और बिना किसी गलती के देख सकें।