अगर आप बिहार में किसी जमीन या मकान की ऑनलाइन रजिस्ट्री (केवाला) देखना चाहते हैं, तो अब इसके लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार के ई-निबंधन (e-Nibandhan) पोर्टल की मदद से आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से रजिस्ट्री की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। चाहे आपके पास केवल जमीन मालिक का नाम हो या रजिस्ट्री नंबर, दोनों तरीकों से रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।
इस लेख में हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि बिहार में ऑनलाइन रजिस्ट्री (केवाला) कैसे चेक करें, जमीन मालिक के नाम से रजिस्ट्री कैसे खोजें और रजिस्ट्री नंबर से रिकॉर्ड कैसे देखें। साथ ही रजिस्ट्री देखने के बाद किन जानकारियों का मिलान करना चाहिए और प्रमाणित प्रति (Certified Copy) कब आवश्यक होती है, इसकी भी पूरी जानकारी देंगे।
बिहार में ऑनलाइन रजिस्ट्री (केवाला) कैसे देखें?
Step 1: सबसे पहले बिहार सरकार की आधिकारिक ई-निबंधन (e-Nibandhan) वेबसाइट enibandhan.bihar.gov.in पर जाएं। यहीं से आप जमीन या मकान की रजिस्ट्री (केवाला) ऑनलाइन देख सकते हैं। आगे की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले Certified Copy विकल्प पर क्लिक करना होगा।

Step 2: अब आपके सामने वेबसाइट का लॉगिन पेज खुल कर आएगा। अगर आपने वेबसाइट में पहले से रजिस्टर नहीं किया है तो नीचे दिख रहे हैं New User sign up here वाले ऑप्शन पर क्लिक कीजिए।

Step 3: इसके बाद अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और एक यूजर नाम डालकर मोबाइल पर आए ओटीपी और कैप्चा को भरकर Validate and Register वाले ऑप्शन पर क्लिक करके वेबसाइट में रजिस्टर कीजिए।

Step 4: रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से एक पासवर्ड भेजा जाएगा। अब Login पेज पर जाएं और ऊपर दिए गए विकल्पों में से Username, Mobile Number या Email Address में से किसी एक को चुनें। इसके बाद संबंधित जानकारी, SMS से प्राप्त पासवर्ड और कैप्चा कोड भरकर Login पर क्लिक करें।
💡 ध्यान दें: पहली बार लॉगिन करने पर सुरक्षा कारणों से आपको SMS से मिला पासवर्ड बदलना होगा। नया पासवर्ड सेट करने के बाद आगे से उसी पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं।

Step 5: Login करने के बाद आप वेबसाइट के सबसे मेन पेज पर आ जाएंगे। जहां आपको बाईं ओर दिए गए मेनू में Certified Copy पर क्लिक करें। इसके बाद Create Request चुनें और दाईं ओर दिखाई दे रहे New Request पर क्लिक करें।

Step 6: अब सबसे पहले Certified Copy Type वाले सेक्शन में Register Document का ऑप्शन चुने।

Step 7: अब आपके सामने रजिस्ट्री खोजने का फॉर्म खुल जाएगा। यहां से आप अपनी जमीन की रजिस्ट्री 2 तरीकों से देख सकते हैं। यदि आपके पास केवल जमीन मालिक (Party) का नाम है, तो नीचे दिए गए तरीका 1 को अपनाएं। अगर आपके पास पहले से Registered Document Number (रजिस्ट्री नंबर) मौजूद है, तो सीधे तरीका 2 का उपयोग करें।
तरीका 1: केवल जमीन मालिक के नाम से रजिस्ट्री खोजें (सबसे आसान तरीका)
Step 1: केवल जमीन मालिक के नाम से रजिस्ट्री खोजने के लिए सबसे पहले नीचे दिखाई दे रहे Find Registered Document No. by Advance Search विकल्प पर क्लिक करें।

Step 2: Advance Search वाले ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आप स्क्रीन पर दिख रहे ऑप्शंस में से Computerization (2006) का ऑप्शन चुनें। यहाँ यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस पोर्टल पर मुख्य रूप से साल 2006 से लेकर अब तक जितनी भी नई रजिस्ट्रियां हुई हैं, केवल उन्हीं का डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह उपलब्ध है।

Step 3: अब Search By वाले सेक्शन में Party (पक्षकार) का विकल्प चुनें। इस विकल्प की मदद से आप केवल जमीन मालिक के नाम से रजिस्ट्री खोज सकते हैं। Property विकल्प में जमीन की चौहद्दी और खसरा नंबर जैसी जानकारी भरनी पड़ती है, इसलिए आसान और तेज़ खोज के लिए Party विकल्प का ही उपयोग करें।

Step 4: अब आपके सामने Advance Search का फॉर्म खुल जाएगा। यहां सबसे पहले अपना जिला, रजिस्ट्रेशन ऑफिस, सर्किल और गांव चुनें। इसके बाद Date Range में वह अवधि चुनें, जिस दौरान जमीन की रजिस्ट्री हुई थी। फिर Party Name में जमीन मालिक का नाम और Father’s/Husband’s Name में पिता या पति का नाम दर्ज करके Search पर क्लिक करें।

💡 सुझाव: यदि सर्च रिजल्ट नहीं मिले, तो नाम की स्पेलिंग बदलकर या Date Range बढ़ाकर दोबारा खोजें।
Step 5: Search पर क्लिक करते ही आपके सामने आपके द्वारा दर्ज किए गए नाम से मिलते-जुलते सभी Registry Document की सूची दिखाई देगी। यहां सबसे पहले Party Details और Property Details का ध्यान से मिलान करें, क्योंकि एक ही नाम के कई लोगों के रिकॉर्ड हो सकते हैं। सही रिकॉर्ड की पहचान होने के बाद उसके सामने दिए गए View Details विकल्प पर क्लिक करें।

Step 6: सही रिकॉर्ड के सामने दिए गए View Details विकल्प पर क्लिक करते ही रजिस्ट्री की पूरी जानकारी खुल जाएगी। यहां आपको टोकन नंबर, रजिस्ट्री वर्ष, जमीन मालिक का नाम, जमीन का प्रकार, कुल क्षेत्रफल, खाता नंबर, खसरा नंबर और अन्य महत्वपूर्ण विवरण देखने को मिलेंगे। आगे कोई भी कार्रवाई करने से पहले इन सभी जानकारियों का अपने दस्तावेजों से मिलान जरूर कर लें।

तरीका 2: रजिस्ट्री नंबर से सीधे रजिस्ट्री देखें
Step 1: यदि आपके पास पहले से Registered Document Number (रजिस्ट्री नंबर) है, तो रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने वाले फॉर्म में अपना जिला, रजिस्ट्रेशन ऑफिस, रजिस्ट्री वर्ष (Registry Year) और Registered Document Number दर्ज करें। इसके बाद Fetch Details पर क्लिक करें।

💡 ध्यान दें: यदि आपकी रजिस्ट्री साल 2006 से पहले की है या Book-2, Book-3 या Book-4 में दर्ज है, तो उसकी प्रमाणित प्रति (Certified Copy) ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो सकती। ऐसे मामलों में आपको संबंधित Sub Registrar Office (SRO) / निबंधन कार्यालय जाकर ही प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी होगी।
Step 2: Fetch Details पर क्लिक करते ही आपकी रजिस्ट्री से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। यहां Document Details, Party Details और Property Details का मिलान कर लें। सभी जानकारी सही होने पर दाहिनी ओर दिए गए View Details विकल्प पर क्लिक करें, जिससे रजिस्ट्री की पूरी जानकारी खुल जाएगी।

Step 3: View Details पर क्लिक करते ही रजिस्ट्री की पूरी जानकारी खुल जाएगी। यहां आपको टोकन नंबर, रजिस्ट्री वर्ष, जमीन मालिक का नाम, जमीन का प्रकार, कुल क्षेत्रफल, खाता नंबर, खसरा नंबर और अन्य महत्वपूर्ण विवरण देखने को मिलेंगे। आगे किसी भी कानूनी कार्य या जमीन खरीदने से पहले इन सभी जानकारियों का अपने दस्तावेजों से मिलान जरूर कर लें।

जमीन खरीदने से पहले रजिस्ट्री (केवाला) क्यों चेक करें?
गाँवों में अक्सर ज़मीन को लेकर भाई-भाई में या पड़ोसियों में विवाद हो जाता है। कई बार एक ही ज़मीन को दो अलग-अलग लोगों को बेचकर धोखा दे दिया जाता है। इसलिए पैसा देने से पहले ऑनलाइन केवाला चेक करने के ये बड़े फायदे हैं:
- असली मालिक का पता चलता है: सामने वाला व्यक्ति जो कागज़ दिखा रहा है, वह असली है या नकली, यह सरकारी कंप्यूटर के रिकॉर्ड से तुरंत साफ हो जाता है।
- ज़मीन की चौहद्दी (Boundary) का मिलान: केवाला में साफ़ लिखा होता है कि उस ज़मीन के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में किसका खेत या मकान है। आप मौके पर जाकर इसका मिलान कर सकते हैं।
- लोन या बैंक बंधक की जानकारी: इससे पता चल जाता है कि इस ज़मीन पर पहले से किसी बैंक से लोन (कर्ज) तो नहीं लिया गया है।
- दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में आसानी: जब आप नई ज़मीन लेते हैं, तो सरकारी रिकॉर्ड में अपना नाम चढ़वाने (दाखिल-खारिज) के लिए सही डीड नंबर और तारीख की ज़रूरत होती है, जो यहाँ से मिल जाती है।
अगर आपको रजिस्ट्री पर किसी तरह का संदेह है, तो हमारी फर्जी रजिस्ट्री की पहचान कैसे करें? गाइड भी जरूर पढ़ें।
ऑनलाइन रजिस्ट्री रिकॉर्ड न मिले तो क्या करें?
कई बार सब कुछ सही भरने के बाद भी स्क्रीन पर “No Record Found” (कोई रिकॉर्ड नहीं मिला) लिख कर आता है। ग्रामीण इलाकों में इसके दो बड़े कारण होते हैं:
- स्पेलिंग की गलती: गाँवों में नामों की स्पेलिंग कंप्यूटर में थोड़ी अलग हो सकती है (जैसे ‘रामचंद्र’ को कोई ‘Ramchandra’ लिखता है तो कोई ‘Ram Chandra’)। उपाय: नाम के पूरे अक्षर न लिखकर केवल शुरू के 3-4 अक्षर ही लिखें, जैसे सिर्फ ‘Ram’ लिखकर सर्च करें। उस अक्षर से जुड़े सभी नाम आ जाएंगे, फिर आप अपना नाम चुन सकते हैं।
- बहुत पुरानी रजिस्ट्री (साल 2005 से पहले की): बिहार के कई गाँवों का साल 2005 से पहले का रिकॉर्ड अभी तक पूरी तरह से कंप्यूटर पर ऑनलाइन नहीं चढ़ पाया है। उपाय: अगर रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं मिल रहा है, तो आपको अपनी पुरानी रजिस्ट्री का साल लेकर सीधे अपने जिला रजिस्ट्री ऑफिस (कचहरी) जाना होगा और वहाँ के ‘नकल विभाग’ से मैन्युअल कॉपी निकालनी होगी।
एक्सपर्ट की सलाह: इंटरनेट या मोबाइल से डाउनलोड किया गया यह केवाला (वेब कॉपी) सिर्फ आपकी जानकारी के लिए और यह जांचने के लिए है कि ज़मीन असली है या नहीं। अगर आपका किसी से ज़मीन का झगड़ा या कोर्ट केस चल रहा है, या आपको बैंक से खेती के लिए केसीसी (KCC) लोन लेना है, तो यह साधारण ऑनलाइन कागज़ काम नहीं करेगा। इसके लिए आपको रजिस्ट्री ऑफिस जाकर सरकारी मुहर और अधिकारी के दस्तखत वाली “प्रमाणित नकल” (Certified Copy) ही निकलवानी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
ज़मीन की रजिस्ट्री कराने के कितने दिन बाद नाम ऑनलाइन चढ़ जाता है?
आज के समय में जैसे ही आप रजिस्ट्री ऑफिस में अंगूठा और फोटो लगाते हैं, उसके सामान्यतः 2 से 3 दिनों के भीतर ही आपका रिकॉर्ड ऑनलाइन कंप्यूटर पर दिखने लगता है।
क्या हमारे गाँव की लाल डोरा या आबादी वाली ज़मीन की रजिस्ट्री भी यहाँ दिखेगी?
यदि आपकी आबादी या लाल डोरा वाली ज़मीन की बकायदा रजिस्ट्री ऑफिस में रजिस्ट्री की गई है, तो उसका रिकॉर्ड यहाँ ज़रूर दिखेगा। लेकिन अगर वह केवल खतौनी या पुश्तैनी कब्ज़े वाली ज़मीन है जिसकी कभी रजिस्ट्री नहीं हुई, तो उसका रिकॉर्ड यहाँ नहीं मिलेगा।
क्या ई-निबंधन पोर्टल पर किसी भी साल की पुरानी रजिस्ट्री देखी जा सकती है?
इस नए पोर्टल पर मुख्य रूप से साल 2006 के बाद की सभी रजिस्ट्रियों का डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह उपलब्ध है। अगर आपकी ज़मीन इससे भी पुरानी है (जैसे साल 2000 या उससे पहले की), तो उसका डेटा अभी ऑनलाइन अपलोड हो रहा है। रिकॉर्ड न मिलने पर आपको पुरानी रजिस्ट्री कचहरी से ही संपर्क करना होगा।
अगर रजिस्ट्री ऑफिस की लिस्ट में गाँव का नाम न मिले तो क्या करें?
गाँवों में कई बार प्रशासनिक बदलावों के कारण ब्लॉक या रजिस्ट्री कचहरी का क्षेत्र बदल जाता है। अगर आपके गाँव का नाम लिस्ट में न दिखे, तो घबराएं नहीं। अपने ज़िले के अंतर्गत आने वाले दूसरे नजदीकी निबंधन कार्यालय (Registry Office) को ड्रॉपडाउन लिस्ट में चुनकर सर्च करें, आपका रिकॉर्ड मिल जाएगा।
निष्कर्ष
बिहार सरकार के इस ई-निबंधन पोर्टल ने गाँव-देहात के लोगों का काम बहुत आसान कर दिया है। अब आपको अपनी ही ज़मीन का कागज़ देखने के लिए किसी दलाल को पैसे देने की या ब्लॉक-कचहरी के चक्कर काटने की कोई ज़रूरत नहीं है। जब भी कोई ज़मीन खरीदें या बेचें, सबसे पहले अपने मोबाइल पर इस सरकारी वेबसाइट को खोलकर ज़मीन की पूरी सच्चाई ज़रूर जांच लें, ताकि आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी या जालसाजी से सुरक्षित रह सकें।
अगर आपने रजिस्ट्री की जांच कर ली है, तो अगला जरूरी काम जमीन का भू-लगान (मालगुजारी) और भू-नक्शा भी जांचना है।

नेहा यादव एक इंजीनियर हैं, जो जमीन (Land Records) से जुड़े कागजात और सरकारी डेटा को सरल भाषा में समझाने का काम करती हैं। अपनी तकनीकी समझ की मदद से वे जटिल जानकारी को आसान बनाती हैं, ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके।
Bhumi Gyan के माध्यम से उनका उद्देश्य लोगों को जमीन रिकॉर्ड, जमाबंदी, भूलेख और सरकारी भूमि प्रक्रियाओं की सही जानकारी आसान भाषा में उपलब्ध कराना है।